कलराज मिश्र द्वारा लिखित विचार-लेख और स्तंभ — राष्ट्रीय और सामाजिक विषयों पर। Op-ed articles.

कलराज मिश्र का जन्म 1 जुलाई 1941 को उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के एक किसान परिवार में हुआ। पूर्वांचल की मिट्टी से जुड़ा यह राजनीतिक सफर पांच दशक से अधिक लंबा है — संघ औ

मैं अपने चार दषक से अधिक के राजनैतिक जीवन में कभी भी इतना संषय में नहीं रहा कि देष के अािर्थक विकास पर खुष होऊ या देष में बढ़ते भ्रष्टाचार व घोटालों पर दुखी होंऊ। एक ओर द

भारत एक कृषि प्रधान देष है। और देष की 70 प्रतिषत जनसंख्या सीधे या परोक्ष रूप से कृषि पर निर्भर करती है। परन्तु दोषपूर्ण कृषि नीति व गलत आयात-निर्यात की नीति के कारण देष म

“स्वर्गीय श्री बाल ठाकरे आज हमारे बीच नहीं हैं, महाराष्ट्र या मैं कहूँ देश की राजनीति में उनकी कमी हमेशा खलेगी तो गलत नहीं होगा…

स्वतंत्रता प्राति के पष्चात से ही भारत की विदेष नीति पंचषील तटस्थता के सिद्धांत पर आधारित रही। पं. जवाहर लाल नेहरू से लेकर माननीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल तक क

आज उत्तर प्रदेष विधानमण्डल के स्थापना के 125 वर्ष पूर्ण हो चुके हैंं। इस विधानमण्डल की श्री लालबहादुर “ाास्त्री, आचार्य नरेन्द्र देव, गोविन्दबल्लभ पन्त, पुरूशोत्तम दास टण

उ.प्र. भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला प्रदेष है। यह देष की 16.4 प्रतिषत आबादी रहती है। देष का 9 प्रतिषत भौगोलिक क्षेत्र जो लगभग 2,94,411 वर्ग किमी है। यदि यह 17.5 करोड़

भारत एक कृषि प्रधान देश है और भारत की 70 प्रतिशत आबादी कृषि व कृषि उत्पादों पर निर्भर करती है। परन्तु विगत कुछ दशकों से सरकार किसानों के प्रति गलत नीतियों के कारण किसानों
30 जून 2017 को संसद के सेन्ट्रल हाल मे जी.एस.टी लागी किया गया, महामहिम राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी एंवं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसे लागू किया। आजादी के पश्चा