देवरिया · लखनऊ · जयपुर — अभिलेखागार 2012–2021

कलराज मिश्र: जीवन परिचय

लेख · कलराज मिश्र · 2026

कलराज मिश्र का जन्म 1 जुलाई 1941 को उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के एक किसान परिवार में हुआ। पूर्वांचल की मिट्टी से जुड़ा यह राजनीतिक सफर पांच दशक से अधिक लंबा है — संघ और जनसंघ की पार्टी शिष्टाचार से शुरू होकर वह उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्र तक पहुंचा, फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल और अंततः राजस्थान के राजभवन तक। यह परिचय उनके सार्वजनिक जीवन के प्रमुख पड़ावों का संक्षिप्त दस्तावेज़ है।

शुरुआती जीवन और राजनीति में प्रवेश

देवरिया में पले कलराज मिश्र ने नागरिक समस्याओं के बीच अपनी शुरुआती राजनीतिक गतिविधियां शुरू कीं। वे रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुने गए और उत्तर प्रदेश विधानमंडल में भाजपा के प्रमुख चेहरों में गिने जाने लगे। 1990 और 2000 के दशक में राज्य सरकारों में उन्होंने जनस्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा जैसे विभागों के मंत्रालय संभाले।

प्रमुख पद और कार्यकाल

दौरपदप्रमुख क्षेत्र
1991–2007विधायक, रामपुर कारखाना (देवरिया)उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा नेता
2001–2002राज्यसभा सांसदसंसदीय समितियों में सक्रिय भूमिका
मई 2014 – नवंबर 2017केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रीपीएमईजीपी, खादी-ग्रामोद्योग, कुशलता केंद्र
सितंबर 2019 – जुलाई 2024राजस्थान के राज्यपालराजभवन, जयपुर; विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति

MSME मंत्रालय: छोटे उद्यम की बड़ी सोच

केंद्रीय मंत्री के रूप में मिश्र का ध्यान सूक्ष्म और लघु उद्यमों पर रहा। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत हजारों युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, खादी की बिक्री बढ़ाने और ग्रामीण उद्यमिता को बैंक ऋण से जोड़ने की दिशा में उनके कार्यकाल की कई पहलें दर्ज हैं। वे अक्सर कहते थे कि गांव का युवा नौकरी खोजने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बने।

राजभवन के वर्ष (2019–2024)

राजस्थान के राज्यपाल के रूप में उन्होंने कोविड-19 महामारी के कठिन दौर देखा। इस अवधि में उनकी गतिविधियों में शामिल हैं:

  • राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में दीक्षांत समारोहों और शैक्षणिक वेबिनार से संबोधन
  • कोविड काल में हाइजीन किट वितरण और जनजागरूकता अभियान
  • संविधान उद्यान और संविधान की मूल भावना पर आयोजित कार्यक्रम
  • बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण और राहत समीक्षा

जुलाई 2024 में उनका कार्यकाल पूर्ण हुआ और उनके स्थान पर हरिभाऊ बागडे ने राजस्थान के राज्यपाल का पदभार संभाला।

लेखन और विचारधारा

राजनीति के साथ-साथ मिश्र ने कई पुस्तकें लिखीं, जिनमें उद्यमिता, राष्ट्रीय चिंतन और न्यायिक जवाबदेही जैसे विषय प्रमुख हैं। उनके लेखों में किसान, छोटे उद्यमी और पूर्वांचल के विकास का सवाल बार-बार उठता है — यही धारा इस संग्रह के लेखों में भी दिखती है।

कलराज मिश्र एक जनसभा को संबोधित करते हुए
जनसंपर्क के दौरान कलराज मिश्र — संग्रह चित्र

विरासत का मूल्यांकन

2026 में कलराज मिश्र वरिष्ठ राजनेता और पूर्व राज्यपाल के रूप में सार्वजनिक जीवन से अपेक्षाकृत दूर हैं, पर उनका राजनीतिक अनुभव — विशेषकर MSME क्षेत्र और संघीय ढांचे के प्रति उनका दृष्टिकोण — उत्तर प्रदेश और राजस्थान की राजनीति का अध्ययन करने वालों के लिए प्रासंगिक बना हुआ है। यह संग्रह उसी सार्वजनिक जीवन के कुछ पन्ने सहेजता है।

कार्यक्रम में कलराज मिश्र
एक सार्वजनिक कार्यक्रम में — संग्रह चित्र