दिशा समिति: जिला विकास योजनाओं की निगरानी का मंच
जनवरी 2019 में देवरिया में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति — दिशा (DISHA) — की बैठक हुई थी। संग्रह की इस खबर के संदर्भ में यह लेख बताता है कि दिशा समिति क्या है, क्यों बनाई गई और यह जिले की योजनाओं पर कैसे नजर रखती है।
दिशा समिति क्या है
डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी — दिशा — की स्थापना 2016 में केंद्र सरकार ने की। उद्देश्य था केंद्र और राज्य की प्रमुख योजनाओं का जिला स्तर पर समन्वय और त्रैमासिक समीक्षा। समिति की अध्यक्षता आमतौर पर उस जिले के सांसद करते हैं, और इसमें विधायक, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रमुख शामिल होते हैं।
बैठक में किन विषयों की समीक्षा होती है
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण/शहरी) के लक्ष्य और प्रगति
- स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और पीएमजीएसवाई जैसी योजनाएं
- आयुष्मान भारत के अस्पताल-सूचीकरण और गोल्डन कार्ड वितरण
- पोषण अभियान, मनरेगा और किसान सम्मान निधि के आंकड़े
समन्वय क्यों कठिन है
एक ही गांव में आवास की सूची राज्य के पंचायत विभाग के पास, स्वास्थ्य कार्ड केंद्र के पोर्टल पर और सड़क का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी में होता है। तीनों के आंकड़े एक मेज पर तभी आते हैं जब कोई संस्था तय तारीख पर बैठक बुलाए। दिशा समिति वही मेज है — इसलिए इसकी त्रैमासिक बैठकें महज औपचारिकता नहीं, समन्वय का औजार हैं।
| पहलू | दिशा से पहले | दिशा के बाद |
|---|---|---|
| समीक्षा की लय | विभागवार, अनियमित | त्रैमासिक, एक मंच |
| जनप्रतिनिधियों की भूमिका | अनौपचारिक | सांसद अध्यक्ष, विधायक सदस्य |
| आंकड़े | विभागों में बिखरे | एक ही बैठक में प्रस्तुत |
देवरिया के संदर्भ में
देवरिया जैसे जिलों में, जहां बाढ़, सड़क और आवास के मुद्दे साथ-साथ चलते हैं, दिशा की बैठकें जिले के विकास का त्रैमासिक तुलन पत्र बन जाती हैं। 2019 की वह बैठक इसी शृंखला की कड़ी थी — और आज भी जिले की हर योजना की निगरानी इसी ढांचे से होती है।