देवरिया · लखनऊ · जयपुर — अभिलेखागार 2012–2021

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): देवरिया में लाभार्थियों से वार्ता

देवरिया · कलराज मिश्र · 2026

जनवरी 2019 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों के आवास पर पहुंचकर तत्कालीन सांसद कलराज मिश्र ने उनसे वार्ता की थी — देवरिया नगर का यह दौरा संग्रह में दर्ज है। इसी संदर्भ में यह लेख पीएमएवाई-शहरी की व्यवस्था और 'सबके लिए आवास' के लक्ष्य की वर्तमान स्थिति पर है।

पीएमएवाई-यू की रूपरेखा

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) जून 2015 में शुरू हुई — लक्ष्य था शहरी गरीबों को 2022 तक पक्का आवास देना (बाद में समय सीमा बढ़ी)। योजना के प्रमुख घटक हैं — लाभार्थी-आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (BLC), किफायती क्रय योजना, स्लम पुनर्वास और ऋण-सब्सिडी (CLSS)। बीएलसी घटक में केंद्र की सहायता प्रति मकान 1.5 लाख रुपये है, राज्य अपने हिस्से जोड़ते हैं।

लाभार्थी के घर तक पहुंच का मतलब

  • सूची और सत्यापन — वार्ड स्तर की मांग-सर्वे से पात्र परिवार चुने जाते हैं
  • किस्तें निर्माण के चरण से जुड़ी होती हैं — आधार, छत, पूर्णता
  • महिला के नाम या संयुक्त नाम पर मकान — योजना की सामाजिक विशेषता
  • नगर पालिका के जियो-टैगिंग से निर्माण की निगरानी

देवरिया नगर जैसे शहरों की तस्वीर

छोटे नगरों में पीएमएवाई का चेहरा मुंबई-दिल्ली जैसा नहीं — यहां अधिकतर मामले व्यक्तिगत आवास निर्माण के हैं, जहां लाभार्थी अपनी छोटी जमीन पर कमरा-दो कमरे जोड़ता है। 2019 का वह घर-दर्शन इसी चरण की जांच था — किस्त मिली या नहीं, दीवार उठी या नहीं।

घटकविवरणकेंद्र सहायता
BLC (नया निर्माण)लाभार्थी की भूमि पर पक्का मकान1.5 लाख रु. प्रति मकान
CLSS (ऋण सब्सिडी)ब्याज में रियायतआय-वर्ग अनुसार 2.67 लाख रु. तक
स्लम पुनर्वासउसी स्थान पर पुनर्विकास1 लाख रु. प्रति मकान (सामान्यतः)

2026 में लक्ष्य की दूरी

योजना ने लाखों शहरी परिवारों को पक्की छत दी, पर शहरीकरण की रफ्तार के आगे मांग भी बढ़ती रही — पीएमएवाई-यू 2.0 इसी धारा में आगे बढ़ी। देवरिया के उन परिवारों के लिए, जिनके घर 2019 में बन रहे थे, आवास का अर्थ सिर्फ दीवार नहीं — राशन कार्ड, विद्यालय दाखिला और बैंक खाते का पता है।