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आयुष्मान भारत: देवरिया में गोल्डन कार्ड वितरण

देवरिया · कलराज मिश्र · 2026

जनवरी 2019 में देवरिया नगर की न्यू कॉलोनी में 'आयुष्मान भारत योजना' के पात्र लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित किए गए थे। संग्रह की इस खबर के संदर्भ में यह लेख देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना की व्यवस्था, उसके लाभ और चुनौतियों पर है।

पीएम-जेएवाई क्या है

आयुष्मान भारत — प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) 23 सितंबर 2018 को रांची से शुरू हुई। इसके तहत पात्र परिवार को माध्यमिक और तृतीयक उपचार के लिए प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का कैशलेस कवर मिलता है। पात्रता का आधार सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC 2011) के आंकड़े हैं — शुरुआत में करीब 10.74 करोड़ ग्रामीण और शहरी परिवार इसके दायरे में चुने गए।

गोल्डन कार्ड क्यों जरूरी है

  • यह पात्रता का भौतिक प्रमाण है — अस्पताल में रजिस्ट्रेशन से सीधे इलाज तक की कुंजी
  • कैशलेस व्यवस्था: बिल सीधे राज्य की स्वास्थ्य एजेंसी और बीमा कंपनी के बीच निपटता है
  • पोर्टेबिलिटी: देश के किसी भी सूचीबद्ध (एम्पैनल्ड) अस्पताल में उपयोग
  • परिवार की सभी इकाइयां कवर — आयु, लिंग या पहले से मौजूद बीमारी की रोक नहीं

धरातल की चुनौतियाँ

योजना की सफलता की कहानी के साथ कुछ गंभीर सवाल भी हैं — छोटे शहरों में एम्पैनल्ड निजी अस्पतालों की कमी, पैकेज दरों को लेकर अस्पतालों की शिकायतें, और पात्र सूची से बाहर रह गए वंचित परिवार। कई राज्यों ने बाद में अपनी योजनाओं से दायरा बढ़ाया। देवरिया जैसे जिलों में अस्पताल-सूचीकरण की गति ही तय करती है कि कार्ड कागज रहे या इलाज बने।

पहलूविवरण
शुरुआत23 सितंबर 2018, रांची
कवरपरिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक
पात्रताSECC 2011 आधारित; बाद में राज्यों द्वारा विस्तार
लाभ का रूपकैशलेस, पोर्टेबल, पारिवारिक

न्यू कॉलोनी से 2026 तक

2019 में देवरिया में बंटे वे कार्ड उस दौर की पहली लहर थे। तब से योजना कई चरणों से गुजरी — वरिष्ठ नागरिकों के लिए 70 वर्ष से ऊपर के सभी को कवर देने के 2024 के विस्तार तक। गोल्डन कार्ड की कहानी आखिरकार यही है: गरीबी और बीमारी के बीच का घेरा तोड़ना, और यह काम हर कार्ड-वितरण कार्यक्रम से ही शुरू होता है।