Tuesday , 11 December 2018
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Modi Government Schemes

जनमानस को आकर्षित करती प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की योजनाएं

देश के लिए सरकारो ने समय समय पर विभिन्न योजनायें प्रारम्भ की। पं. जवाहर लाल नेहरू के समय मे प्रारम्भ की गयी पंचवर्षीय योजना से लेकर श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में अटल पेन्शन योजना प्रारम्भ की गई और इन सभी योजनाओं का जनमानस के मन मष्तिक पर प्रभाव विभिन्न रूपों मे प़ड़ा है। लेकिन एन.डी.ए. सरकार के गठन के पश्चात जब श्री नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री पद पर आसीन हुए तो इन्होने देश का विकास सुनिश्चित करने के लिये विभिन्न योजनायें चलायी। इन योजनाओं की मुख्य विशेषता यह है कि इन योजनाओं ने न ,सिर्फ देश के विकास मे अहम भूमिका निभाई है अपितु आम जनमानस के मन में आशा की एक किरण जगी है। उनके द्वारा जारी योजनाओं की मुख्य विशेषता यह है कि इन योजनाओं से आम जन को सरकार जोड़ने और उन्हे भागीदार बनाने मे सफल रही है-

गरीबों के कल्याण हेतु प्रधानमंत्री योजनायें- एन.डी.ए. सरकार के गठन के बाद लम्बे समय से उपेक्षित गरीबों को देश की आर्थिक व्यवस्था से जोड़ने के लिये प्रधानमंत्री ने जनधन योजना प्रारम्भ की। इस योजना से देश का हर नागरिक देश की वैकिंग व्यवस्था से जुड़ गया। ग्रामीण महलाओं को खाना पकाते समय धुएं से होने वाले प्रदूषण के कारण आँख और फेफड़ों की परेशानियों से बचाने के लिये प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की गई। वर्ष 2022 तक देश के हर नागरिक के पास अपना मकान हो की प्रतिबद्धता को साकार रूप देने के लिये प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों के तय समय सीमा मे सस्ते व टिकाऊ मकान उपलब्ध कराना है। गरीबों को राष्ट्र की मुख्य धारा मे शामिल करने के उद्देश्य से सरकार ने मुख्य योजनाये प्रारम्भ की।

  1. दीनदयाल उपाघ्याय ग्राम ज्योति योजना।
  2. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना।
  3. पं. दीनदयाल उपाध्याय श्रमेय जयते योजना।

युवाओं के लिए योजनाएः-

प्रधानमंत्री इस तथ्य को सदा ध्यान मे रखते हैं कि देश की 45% आवादी 20-35 वर्ष के युवाओं की है और राष्ट्र को समृद्ध तभी वनाया जा सकता है जब ये युवा आत्मनिर्भर व समृद्ध होंगे और आने वाले समय मे देश व राष्ट्र के निर्माण का उत्तरदायित्व इन्ही युवाओं के कन्धे पर होगा इसलिये युवाओं के कल्याण हेतु मुख्य रूप से निम्न योजनायें प्रारम्भ की गईः-

  1. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
  2. मेक इन इण्डिया
  3. डिजिटल इण्डिया
  4. स्किल इण्डिया
  5. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
  6. स्टार्ट अप इण्डिया
  7. स्टैण्ड अप इण्डिया
  8. नेशनल स्पोर्टस टैलेन्ट सर्व स्कीम

युवाओं के लिये प्रारम्भ की गई इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर इस काबिल बनाना है कि वे सरकार वित्तीय सहायता प्राप्त कर अपना उद्यम स्थापित करके जाब सीकर्स के स्थान पर जाब प्रोवाइडर बन सकें।
किसानों के कल्याण हेतु प्रधानमंत्री योजनायें विगत एक दशक से किसान लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहै है। यू.पी.ए. की गलत नीतियों व किसान विरोधी रवैये के कारण देश में हजारों किसान आत्म हत्या करने के लिए मजबूर थे। किसानों को कल्याण हेतु एन.डी.ए. सरकार ने निम्न योजनायें प्रारम्भ की।

  1. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
  2. प्रधानमंत्री ग्राम सिचाई योजना
  3. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना
  4. सोयल हेल्थ कार्ड स्कीम

महिलाओं के लिये प्रधानमंत्री योजना

देश के विकास मे महिलाओं की समुचित हिस्सेदारी आवश्यक है। महिला घर के अन्दर और घर के बाहर समाज मे अपने परिश्रम एवं संयम से विशिष्ठ स्थान बना सकती है बशर्ते उसे समुचित अवसर प्रदान किया जाये। इस तथ्य को पूर्व रूप देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं के विकास के लिये विभिन्न योजनाओं की शरूआत की हैः-

  1. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना
  2. सुकन्या समृद्धि योजना
  3. धनलक्ष्मी योजना
  4. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान
  5. उद्यमिता के क्षेत्र मे महिला विकास योजना
  6. उज्जवला योजना

वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु प्रधानमंत्री योजनाः-

वरिष्ठ नागरिकों एवं बुजिर्गों की भारतीय समाज मे सदैव से पूजा की जाती रही है, परन्तु आधुनिकता और पाश्चात्य के अंधाधुध अनुकरण के कारण विगत कुछ समय से बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों की स्थिति मे परिवर्तन हुआ है और वे अपने आप को असुरक्षित पा रहे है। उन्हे किसी पर आश्रित न होना पड़े इसीलिये प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों के लिये निम्न योजनायें प्रारम्भ की हैः-

  1. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना
  2. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना
  3. अटल पेंशन योजना

अन्य महत्वपूर्ण योजनाएः-

  1. सांसद आदर्श ग्राम योजना
  2. स्वच्छ भारत अभियान

उपलब्धियाः- प्रधानमंत्री जी की मेक इन इण्डिया पहल का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप इण्डिया, स्टैण्ड अप इण्डिया की पहल के साथ समन्वय स्थापित करते हुए बेरोजगार युवकों और युवतियों को व्यवसाय के लिए आर्कषित करना एवं व्यवसाय प्रारंभ करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। इस योजना का इतना आर्कषण था कि उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार समंत कई गैर भाजपा शासित राज्यों ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने का प्रयास किया। इन राज्यों ने स्टार्टअप के लिए श्रमकानून और टैक्स मे छूट का केन्द्र सरकार से अनुरोध किया। इस पर भारत सरकार ने तुरंत कार्यवाही करते हुए कर्मचारी भविष्यनिधि संगठन (ई.पी.एफ.ओ) और स्वाथ्य बीमा प्रदाता (ई.एस.आई.सी) को निर्देश दिया कि स्टार्टअप कम्पनियो को तीन वर्ष को लिये निरीक्षण व रिटर्न फाइल करने से छूट दी जाय। यह प्रधानमंत्री के स्टार्टअप का करिश्मा है कि जो युवक पहले अपना व्यवसाय प्रारंभ करने के बजाय छोटी मोटी नौकरी को वरीयता देते थे आज अपना व्यवसाय व उद्यम खोलने मे इच्छुक नजर आ रहे है। इस समय देश मे प्रतिवर्ष सटार्टअप कम्पनियों की संख्या 4200 से 4400 की दर से बढ़ रही है जो पूरे विश्व मे मात्र इंगलैण्ड और अमेरिका से कम है। भारत सरकार ने स्टार्टअप के लिए 10,000,करोड़ रूपये के फंड की व्यवस्था की है और सरकार का टारगेट है कि हर वर्ष देश मे लगभग एक लाख स्टार्टअप कम्पनियां आये।

प्रधानमंत्री जनधन योजना का उद्देस्य गरीब नागरिकों को वित्तीय सुविधायें प्रदान कर उन्हे भुगतान के लिये इलेक्ट्रानिक साधन प्रदान करना तथा उन्हे ऋण एवंम बीमा प्राप्त करने की स्थिति मे शामिल करना था।विगत तीन वर्षों मे इस क्षेत्र की निम्न उपलब्धियां रही।

  1. प्रधानमंत्री जनधन योजना के अन्तर्गत 16 अगस्त 2017 तक कुल 29.57 करोड़ खाते खोले गये,जिसमे ग्रामीण खातेदारों की संख्या 17.64 करोड़ रही।
  2. 16 अगस्त 2017 तक 22.71 करोड़ रूपे (Rupay) कार्ड जारी किये गये।
  3. लाभार्थी खातों मे कुल देय राशि 65844.68 करोड़ और औसत देय राशि 2231 रूपये पायी गयी।
  4. प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत कुल शून्य राशि के खातों की संख्या घटकर 21.41% रह गयी।
  5. एन.डी.ए. सरकार के गठन के समय 33.69 करोड़ राशि के साथ महिलाओं के बचत खातो की संख्या 28% थी वही मार्च 2017 मे बढ़कर 40% हो गयी। महिलाओं के कुल 43.65 करोड़ खातों मे प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत 14.49 करोड़ खाते खोले गये। जो महिलाओं के वित्तीय समायोजन की बढ़त व उनके तीव्र विकास को दर्साता है।

प्रधानमंत्री की जीवन ज्योति बीमा योजना और दुर्घटना सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत गरीबों को सुरक्षा प्रदान करने हेतु आवश्यक कदम उठाये गये। अगस्त 2017 को प्रधानमंत्री जीवन ज्योत बीमा योजना के अंतर्गत कुल नामंकन 3.46 करोड़ रूपये का था व प्रधानमंत्री दुर्घटना सुरक्षा बीमा के अंतर्गत कुल नामंकन 10..96 करोड़ था। इन दोनो योजनाओं में नामांकित लाभार्थियों मे 40% महिलाएं हैं। प्रधानमंत्री जनधन योजना के संपूर्ण ढांचे ने मुद्रा योजना के कार्यन्वयन की आधारशिला रखी। 20 हजार करोड़ रूपये के बजटीय प्रावधान के साथ मुद्रा बैंक की स्थापना की गयी।अगस्त 2017 तक 8.77 करोड़ लाभार्थियों को 3.66 लाख वितरित की गये। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों मे गयी परन्तु यह तभी संभव हो पाया जब प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत लोगों के बैंक खाते खुले।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत कुल 92508 इकाइंया स्थापित की गयीं जिसमे 680864 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराये गये। परंपरागत उद्यमों के उन्ययन एवं पुर्नसृजन के लिये स्फूर्ति स्कीम मे प्रथम चरण मे 44500 कारीगरों के कवरेज के साथ 71 क्लस्टरों को विकसित किया गया। खादी ग्रामोद्योग के विकास पर प्रधानमंत्री जी का विशेष फोकस रहा। इस क्षेत्र मे रोजगार की दृष्टि से 8.5 लाख से अधिक की बृद्धि हुई, इस सेक्टर मे 139.07 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। विगत तीन वर्षों मे इस सेक्टर के कुल उत्पादन मे 1921 करोड़ रूपये की बृद्धि हुई अर्थात कुल उत्पादन 28030 करोड़ रूपये का हो गया। स्किल डवलवपमेंट के क्षेत्र मे एम.एस.एम.ई के संस्थान एन.एस.आई.सी ने अपने तकनीकी केन्द्रों पर 1.25563 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया। राष्ट्रीय सूभ्म,लघु एवं मध्यम संस्थान (निम्समे) ने पिछले 3 वर्षों मे 4179 उद्यमिता व कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किये। जिसमे 133968 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया। प्रधानमंत्री उज्जवल योजना के अतर्गत बी.पी.एल. परिवारो को 3,05,78,036 एल.पी.जी गैस कनेक्शन वितरित किये गये।

इसके अतिरिक्त विगत तीन वर्षों के कार्यकाल मे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व मे गरीबों व रोजगार युवकों के कल्याण हेतु विभिन्न् योजनाएं प्रारम्भ की गयीं। और उनको यर्थात रूप देने के लिये रात दिन काम चल रहा है। इन योजनाओं की मुख्य विशेषता यह रही कि यह सरकार के अथक प्रयास से आम जन मानष तक पहुंचायी गयी और लोंगो ने इन योजनाओं से जुड़ने के लिये अपनी पूरी सक्रियता दिकाय़ी। ये योजनाएं देश के दूरदराज क्षेत्रों व पिछड़े क्षेत्रों मे एक क्रांति की तरह कार्यन्वयन मे आयी हैं और निकट भविष्य मे शिक्षित बेरोजगारों के रोजगार के रूप में वंचितों को मूलभूत सुविधाओं के रूप मे परिणीत होंगी।

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