Tuesday , 30 May 2017
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राष्ट्रधर्म (मासिक) पं दीन दयाल उपाध्याय: चिंतन विशेषांक का लोकार्पण

पं. दीनदयाल की सोच को आगे बढ़ा रही केंद्र सरकार

हर वर्ग के उत्थान को लेकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सोच की चर्चा करते हुए केंद्रीय लघु उद्योग राज्य मंत्री कलराज मिश्र ने रविवार को कहा कि जनधन समेत कई कल्याणकारी योजनाएं को लागू कर केंद्र सरकार पंडित दीनदयाल की सोच को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
देश तभी मजबूत होगा, जब निचले स्तर के देशवासियों की जरूरतों को पूरा किया सकेगा। सरस्वती शिशु मंदिर में राष्ट्रधर्म पत्रिका के पंडित दीनदयाल उपाध्याय विशेषांक का लोकार्पण करते हुए मिश्र ने उनसे जुड़े तमाम प्रसंगों के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में पूर्वमंत्री लालजी टंडन, मेयर डॉ. दिनेश शर्मा समेत अन्य ने भी विचार रखे।
राष्ट्रधर्म हिंदी सेवा सम्मान से कई साहित्यकारों को भी सम्मानित किया गया। इसमें जम्मू-कश्मीर से प्रो. महाराज कृष्ण भरत को हिंदी के लिए काम करने व पंजाब के हर्ष कुमार हर्ष को रामचरितमानसका गुरुमुखी में अनुवाद करने पर 21-21 हजार रुपये, अंगवस्त्र और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
पुरस्कृत कहानियों में प्रथम पुरस्कार चंडीगढ़ की मंजीत शर्मा मीरा को “एक का सिक्का” के लिए, द्वितीय पुरस्कार मुंबई के डॉ. दिनेश प्रताप सिंह को कहानी “छलावरण” के लिए, तृतीय पुरस्कार जयपुर की भारती अंशुमन तिवारी को कहानी “आत्मताप पर राजनीति या राजनीति का बलात्कार”, लखनऊ की डॉ. रश्मि शील को कहानी “मन की पीर” के लिए, हिदी व्यंग्य लेख प्रतियोगिता के लिए महाराष्ट्र के अमरावती की ममता मेहता पिंकी” को “वादा तेरा वादा” के लिए प्रथम पुरस्कार, उपन्यास भगवान झूले के लिए लखनऊ के प्रो. नेत्रपाल सिंह को सम्मानित किया गया। इसके अलावा निर्णायक मंडल के सदस्यों के साथ ही राष्ट्रधर्म पत्रिका के अभिकर्ताओं को भी सम्मानित किया।

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