Friday , 18 August 2017
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Kalraj Mishra

प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की कार्यशाला का उद्घाटन

आज दिनांक 18 सितम्बर,2014 को इन्दिरा गाॅंधी प्रतिष्ठान, विभूतिखण्ड, गोमती नगर, लखनऊ के सभागार में राज्य स्तरीय प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की कार्यशाला का उद्घाटन श्री कलराज मिश्र, माननीय मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदेष सरकार के माननीय मंत्री, खादी और ग्रामोद्योग, उ0प्र0 सरकार श्री नारद राय तथा माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सूक्ष्म,लघु मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन, श्री भगवत शरण गंगवार भी विषेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में विषेष रूप से श्री माधव लाल, सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार, श्री मनोज कुमार द्विवेदी, निजी सचिव, माननीय मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार, श्री अनिल कुमार, संयुक्त सचिव, लघु उद्योग एवं कृषि आधारित ग्रामीण उद्योग, मंत्रालय, भारत सरकार, श्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं आयुक्त, खादी और ग्रामोद्योग, श्री मुकुल सिंघल, प्रमुख सचिव, खादी ग्रामोद्योग, उ0प्र0 सरकार, श्री निर्मेष कुमार, समन्वयक, राज्य स्तरीय बैंर्कस समिति एवं उ0प्र0 खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री हृदय शंकर तिवारी भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में बैंकों के वरिष्ठ प्रबन्धक,, जिला उद्योग केन्द्रों के उपायुक्त/महाप्रबन्धक, उ0प्र0 के सभी जिलों के जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, आयुक्त कार्यालय, खादी और ग्रामोद्योग, मुम्बई के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा आयुक्त कार्यालय, खादी और ग्रामोद्योग, लखनऊ के राज्य निदेषक तथा वरिष्ठ पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे। सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार ने क्रेडिट गारंटी फण्ड ट्रस्ट स्कीम, कोलेट्रल फ्री लोन, समयावधि के अन्दर ऋण स्वीकृति, तथा नियमित अंतराल पर डी.एल.टी.एफ.सी. का आयोजन करने आदि पर प्रकाष डाला, तथा आवष्यकता बताई। तदोपरान्त श्री भगवत शरण गंगवार, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सूक्ष्म,लघु मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन, ने उ0प्र0 के संदर्भ में अवगत कराया कि विगत वर्षो के अनुभव के आधार पर यह पाया गया है कि छोटे प्रोजेक्ट जिनकी औसत परियोजना लागत रूपया 4.50 लाख है, एैसी परियोजना बायबल नहीं है तथा बैंक भी इनकी स्वीकृति हेतु उत्साह नही दिखाते हैं। अतः रूपया 15.00 लाख या उससे अधिक परियोजना लागत के परियोजना प्रस्ताव बायबल होते है तथा बैंक भी उन्हें स्वीकृत करते हैं। श्री नारद राय, माननीय मंत्री, खादी और ग्रामोद्योग, उ0प्र0 सरकार ने अपने उद्बोधन में माननीय केन्द्रीय मंत्री जी से अनुरोध किया कि चालू वित्तीय वर्ष में खादी बोर्ड को रूपया 50.00 करोड़ का आवंटन प्राप्त हुआ है, जबकि आवष्यकता को देखते हुए कम से कम रूपया 100.00 करोड़ का प्रावधान उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को दिया जाना चाहिए, क्योकि वर्तमान में 4200 आवेदन लम्बित हैं। उ0प्र0 की जनसंख्या का अनुपात देष की जनसंख्या के अनुपात का लगभग 20 प्रतिषत है। अतः राज्य को राषि आवंटन के समय जनसंख्या का आधार मानते हुंए देष के कुल आवंटन का 20 प्रतिषत आवंटन उ0प्र0 राज्य को दिया जाए। मननीय मंत्री श्री कलराज मिश्र, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार ने आष्वासन दिया कि उ0प्र0 के लिए हम भी चिन्तित हैं तथा इस क्रम में क्रेडिट गारंटी फण्ड ट्रस्ट स्कीम, समयवद्व स्वीकृति अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवंम सभी लाभार्थियों को आवष्यक अनापति प्रमाण पत्र आदि सभी आनलाइन करने पर विचार कर रहे हैं, जिसका परिणाम आगामी 3 से 4 माह में परिलक्षित होने लगेगा। यह भी आष्वासन दिया कि उ0प्र0 राज्य को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के लिए वर्ष 2014-15 में रूपया 170.00 करोड़ का आवंटन किया गया है, इस राषि को जितनी जल्दी उपयोग किया जायेगा तदनन्तर राज्य को अतिरिक्त राषि उपलब्ध करायेंगे। राज्य स्तरीय पीएमईजीपी कार्यषाला में सम्मिलित बैंकों के अधिकारियों, उद्योग विभाग के अधिकारियों एवं खादी ग्रामोद्योग बोर्ड और खादी और ग्रामोद्योग आयुक्त कार्यालय के अधिकारी के साथ योजना की समीक्षा की गयी, सभी के द्वारा आष्वासन दिया गया कि सभी लम्बित आवेदनों का निस्तारण, मार्जिन मनी का समायोजन आदि यथाषीघ्र कर लिया जायेगा तथा यह भी अनुरोध किया गया कि इस तरह की समीक्षा बैठक का आयोजन नियमित अन्तराल में किया जाय। अन्त में उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी (म0क्षे0) के द्वारा सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। माननीय मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, द्वारा माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार के दिषानिर्देषों के क्रम में 100 दिवसीय कार्य योजना बनायी गयी है, जिसमें विषेषतः बेरोजगार युवाओं को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने की योजना है। इस कार्य योजना के अन्तर्गत युवा केन्द्रित मुहिम का अनावरण करते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार तथा खादी और ग्रामोद्योग द्वारा विभिन्न कालेजों, विष्वविद्यालयों के परिसर में युवाओं से विचार-विमर्ष करते हुए प्रदर्षनियों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। 12वीं पंचवर्षीय योजना के अन्तर्गत इस कार्यक्रम में रू0 8060.00 करोड़ के अनुदान की व्यवस्था भी भारत सरकार द्वारा की गयी है, जिसके द्वारा करीब 3.30 लाख नयी सूक्ष्म इकाईयों की स्थापना करते हुए अतिरिक्त 27.13 लाख रोजगार के अवसरों का सृजन किया जा रहा है। माननीय मंत्री द्वारा कार्यक्रम में पारदर्षिता रखते हुए प्रत्येक आवेदनों की ई-ट्रेकिंग की आॅन लाईन व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है, जिससे कि आवेदनकर्ता/अभ्यर्थी अपने आवेदनों का आॅन लाईन किसी भी समय स्थिति देख सकता है। सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अपने उद्बोधन में कार्यक्रम के बारे में बताया कि प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की एक अग्रगामी योजना है, जो शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का एक प्रभावषाली माध्यम है तथा उ0प्र0 राज्य इस योजना का सफल क्रियान्वयन करने वालों प्रमुख राज्यों में शामिल है, जिसमें गत वर्षो में कार्यक्रम की उपलब्धियों और लक्ष्याॅंक प्राप्ति में वाॅछनीय परिणाम दिये हैं। कार्यक्रम मंे आये हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए आयुक्त एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, खादी और ग्रामोद्योग ने उदद्धत्त किया कि रिजर्व बैंक आफ इण्डिया के दिषानिर्देषानुसार रू0 10.00 लाख तक की परियोजनाओं पर कोलेट्रल फ्री सिक्योरिटी का प्रावधान है, परन्तु ऐसा देखा गया है कि बैंकों द्वारा छोटे ऋणों तथा 10.00 लाख से कम की ऋणों पर भी कोलेट्रल प्रभार लिया जा रहा है। बैंकों द्वारा करीब 70 प्रतिषत परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष के चतुर्थ त्रैमास की समाप्ति पर स्वीकृत एवं वितरण किया जा रहा है। जिससे भारत सरकार द्वारा फण्डस में कटौती की जा सकती है। अतः सभी बैंकर्स प्रतिनिधियों से अनुरोध है कि आवेदन प्राप्ति के 30 दिन के अन्दर आवेदन का निस्तारण कर ऋण स्वीकृत/अस्वीकृत कर संबंधित कार्यालय को सूचित करें। कार्यक्रम में सर्वप्रथम आयुक्त कार्यालय, खादी और ग्रामोद्योग, मुम्बई के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताते हुए प्रगति की जानकारी पावर प्वाइन्ट प्रजेन्टेषन के माध्यम से प्रस्तुत की। इस योजना का क्रियान्वयन 15 अगस्त, 2008 को माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार द्वारा देष के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए पूर्व में संचालित ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा प्रधान मंत्री रोजगार योजना का संविलयन कर तैयार किया गया है। इस योजना के माध्यम से वर्ष 2008-09 से 2013-14 तक देष भर में 2.73 लाख उद्यमियों द्वारा उद्यम स्थापित करते हुए करीब 24.02 लाख व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया जा चुका है तथा इस योजना में स्थापित इकाईयों को करीब रू0 5167.00 करोड़ राषि का मार्जिन राषि का उपादान भी दिया जा चुका है। उ0प्र0 में इस कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्ष 2008-09 से कुल 25631 इकाईयों की स्थापना की जा चुकी है, जिसके अन्तर्गत प्रदेष के प्रमुख उद्योग जैसे खाद्य एवं फल प्रसंस्करण उद्योग, ब्रिक भटठा, गुड़ इकाई, जैव खाद इकाई, धान प्रषोधन इकाई, चर्मकारी, लोहारी तथा सुतारी, वस्त्र इकाई, सेवा उद्योग जैसे-मोबाइल मरम्मत करने की दुकान, टेन्ट शामियाना, लाण्ड्री इत्यादि में करीब 256310 व्यक्तियों को रोजगार के अवसर प्रदान किया जा चुका है तथा करीब रू0 811.42 करोड़ की मार्जिन मनी अनुदान दी जा चुकी है। उ0प्र0 के लिए इस योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए 12378 परियोजनाओं का लक्ष्याॅंक निर्धारित किया गया है, जिससे 99024 व्यक्तियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होगें तथा करीब रू0 170.73 करोड़ की मार्जिन मनी अनुदान देने का लक्ष्य है। इस वित्तीय वर्ष में 10 सितम्बर,2014 तक उ0प्र0 में 921 इकाईयों को रू0 29.40 करोड़ की मार्जिन मनी अनुदान दिया जा चुका है, जिसके द्वारा 9000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।

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