Tuesday , 28 September 2021

विश्वविद्यालय और उद्योगों के मध्य रिश्ता कायम हो -राज्यपाल

राज्यपाल ने कुलपतियों से किया संवाद

‘चाॅईस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम’ (सीबीसीएस) के अनुसार पाठ्यक्रमों का जल्द निर्माण हो

संविधान दिवस, 26 नवम्बर 2021 तक संविधान पार्क निर्माण कार्य पूर्ण करने का किया आह्वान

विश्वविद्यालय और उद्योगों के मध्य रिश्ता कायम हो -राज्यपाल
राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से विश्वविद्यालयों में नई शिक्षा नीति के महत्वपूर्ण बिंदुओं का समावेश कर ‘चाॅईस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम’ (सीबीसीएस) के अनुसार पाठ्यक्रमों का जल्द निर्माण किए जाने का आह्वान किया है। उन्होंने युवाओं में संवैधानिक जागरूकता के लिए विश्वविद्यालयों में संविधान दिवस, 26 नवम्बर 2021 तक संविधान पार्क निर्माण कार्य भी आवश्यक रूप से पूर्ण किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों का प्रत्येक वर्ष मूल्यांकन कर उनकी रूचि के अनुसार कोर्स चुनने में मदद करने और इस हेतु विश्वविद्यालय में विशेष योग्यता प्राप्त प्राध्यापकों का चयन कर छात्र हित में सलाहकार समितियों का गठन किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

राज्यपाल श्री मिश्र गुरूवार को यहां राजभवन में राज्य के वित्तपोषित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की समीक्षा-संवाद बैठक में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के कौशल निर्माण के लिए प्रभावी प्रयास जरूरी हंै। इसके लिए विश्वविद्यालय अपने यहां छात्र समूहों का गठन करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने यहां प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल का गठन इस तरह से करंे कि इनके जरिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद आसानी से रोजगार मिल सके।

उन्होंने प्रत्येक विश्वविद्यालय में ‘इण्डस्ट्री इन्स्टीट्यूट इन्टरेक्शन’ सेल के साथ ही पेटेन्ट डवलपमेंट, शोध एवं अनुसंधान और विचार आधारित नवाचार से जुड़े केन्द्र खोले जाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों में उद्योग लगाने के लिए रूचि पैदा होगी। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण के इस दौर में यह जरूरी है कि विश्वविद्यालय उद्योगों से प्रोजेक्ट लेकर उन्हें छात्रों से पूर्ण करवाए ताकि विश्वविद्यालय और उद्योगों के मध्य रिश्ता कायम हो। उन्होंने गांवों में विभिन्न औषधीय प्लांट्स से दी जाने वाली दवाओं का रासायनिक विश्लेषण कर उनसे दवा बनाने के उद्योगों का विश्वविद्यालयों की मदद से विकास किए जाने पर भी जोर दिया।

श्री मिश्र ने विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता विश्लेषण के लिए भी कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हरेक विश्वविद्यालय अपने यहां इसके लिए ‘इन्टरनल क्वालिटी एश्योरेन्स‘ सेल का गठन करे। उन्होंने विश्वविद्यालयों में बहुभाषी प्रयोगशालाओं की स्थापना करने, विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और धरोहर से परिचित करवाने से जुड़ी गतिविधियाॅं क्रियान्वित करने की भी आवश्यकता जताई।

कुलपतियों से संवाद के दौरान राज्यपाल ने उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान और विकासात्मक अध्ययनों को बढ़ावा दिए जाने के साथ ही उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात को 26.3 प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2035 तक 50 प्रतिशत करने के लिए भी कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के एकीकरण के साथ ही विश्वविद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता वृद्धि के लिए भी निरन्तर प्रयास करने पर जोर दिया।

राज्यपाल के सचिव श्री सुबीर कुमार ने विश्वविद्यालयों के विकास के साथ ही अकादमिक सुदृढ़ता के लिए राजभवन से किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी।

राज्यपाल सलाहकार बोर्ड के सदस्य और उच्च शिक्षा टास्क फोर्स के विशेष आमंत्रित प्रो. ए. के. गहलोत ने स्मार्ट यूनिवर्सिटी धारणा के तहत एसयूएमएस के संदर्भ में विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया।

बैठक में राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव जैन, मोहन लाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह, हरिदेव जोशी पत्रकारित्रा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओम थानवी, डाॅ. भीमराव अम्बेडकर लाॅ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. देवस्वरूप, गोविन्द गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आई.वी. त्रिवेदी सहित राज्य के समस्त वित्तपोषित विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण उपस्थित थे।

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