Saturday , 28 November 2020

नवाचारों को अपनाते विश्वविद्यालय अपने यहां उत्कृष्ट शोध केंद्र विकसित करे

राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किए जाने पर तीन दिन तक हुआ गहन मंथन
तीन दिन में 26 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से व्यक्तिशः राज्यपाल श्री मिश्र ने किया ऑनलाइन संवाद
पत्रकारिता एवं जनसंचार के ऐसे पाठयक्रम बने जिनसे जीवन मूल्यों की शिक्षा मिल सके
नवाचारों को अपनाते विश्वविद्यालय अपने यहां उत्कृष्ट शोध केंद्र विकसित करे
स्वास्थ्य शिक्षा शिक्षण में सभी चिकित्सा पद्धतियों की बुनियादी समझ वाले पाठयक्रम बने- राज्यपाल

राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र ने कहा है कि स्वस्थ लोकतंत्र के निर्माण में पत्रकारिता एवं जनसंचार की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखते हुए पत्रकारिता एवं जनसंचार के ऐसे पाठयक्रम विकसित किए जाने चाहिए जिनसे विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों की शिक्षा मिल सके। उन्होंने पत्रकारिता के साथ ही तमाम दूसरे विषयों के भी सांगोपांग अध्ययन पत्रकारिता शिक्षण में करवाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकार को अपने विषय के साथ दूसरे विषयों की भी संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए, इसी अनुरूप पत्रकारिता शिक्षण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में स्किल डवलपमेंट पर विशेष जोर दिया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश में स्किल यूनिवर्सिटी को ढंग से क्रियान्वित किये जाने की जरूरत है। इसके लिए आवश्यक कानूनी प्रावधान करने के साथ ही इससे शासकीय महाविद्यालयों की संबद्धता करने की कार्यवाही भी आवश्यकतानुसार की जाएगी।
राज्यपाल श्री मिश्र ने कहा कि नई शिक्षा नीति में शिक्षक और विद्यार्थी दोनों के सुदृढ़ीकरण पर खास ध्यान दिया गया है। इसके अनुरूप प्रदेश के विश्वविद्यालय अपने यहां चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, तकनीकी दक्षता, संस्कृत, विधि और पुलिसिंग के ऐसे नवीन पाठयक्रम विकसित करें जिनका व्यवहार में विद्यार्थियों को लाभ हो। उन्होंने नवाचारों को अपनाते विश्वविद्यालयों द्वारा अपने यहां उत्कृष्ट शोध केंद्र विकसित करने, सभी विषयों की बुनियादी समझ वाले कोर्सेज विकसित करने और स्किल डवलपमेंट के जरिए युवाओं के भविष्य निर्माण पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता जताई।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री मिश्र शुक्रवार को राजभवन में राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय, राजस्थान आई.एल.डी. स्किल विश्वविद्यालय जयपुर, बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय, बीकानेर, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा, जगद्गुरू रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आर्युवेद विश्वविद्यालय, सरदार पटेल पुलिस सुरक्षा एवं दाण्डिक न्याय विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलपतियों से आॅनलाईन संवाद कर रहे थे। राज्यपाल ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का आह्वान किया कि वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मूल भावना को समझते हुए उसे अपने यहां लागू करने का प्रारूप जल्द से जल्द प्रस्तुत करे ताकि समेकित रूप में नई शिक्षा नीति को व्यवहार में राजस्थान में लागू किया जा सके।
राज्यपाल श्री मिश्र शुक्रवार को प्रदेश के 17 विश्वविद्यालयों को मिलाकर पिछले तीन दिनों में राज्य के सभी 26 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन पर उनके सुझाव सुने। उन्होंने स्किल मेपिंग के आधार पर विषयवार विद्यार्थियों में विशेषज्ञता विकसित किए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालय ऐसी तकनीक और प्रोद्योगिकी के पाठयक्रम अपने यहां विकसित करें जिनसे विद्यार्थी अपने स्वयं के रोजगार के साथ दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम हो सके। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों को अपने यहां इन्फोर्मेशन सेंन्टर की स्थापना करने और वहां पर रोजगारपरक सूचनाएं विद्यार्थियों को दिए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी तकनीक और व्यावसायिक शिक्षा के जरिए कैसे आत्मनिर्भर बने, इस सोच के साथ विश्वविद्यालय अपने यहां कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने शिक्षा के साथ संस्कार निर्माण और विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताई।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री मिश्र ने स्वास्थ्य शिक्षा को प्रदेश में सुदृढ किये जाने हेतु शिक्षण में सभी चिकित्सा पद्धतियों की बुनियादी समझ के पाठयक्रम तैयार करने, वैश्विक स्तर पर हो रहे शोध-अनुसंधानों के जरिये स्थानीय चिकित्सा पद्धतियों के विकास के लिए भी विशेष रूप से कार्य किये जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्री व पैरा क्लीनिकल विषयों में पीजी पाठयक्रमों के साथ चरणबद्ध तरीके से क्लीनिकल विभागों में भी पीजी पाठयक्रम प्रारंभ किये जाये। नर्सिंग, पैरा मेडिकल के स्व-वित्तपोषित पाठयक्रमों में समयानुरूप उन्होंने विद्यार्थियों में विशिष्ट विशेषज्ञता विकसित किये जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में पारम्परिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के अध्ययन को बढ़ावा देते एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी आदि चिकित्सा के समन्वय से उत्कृष्ट स्वास्थ्य शिक्षा का वातावरण बनाया जाए।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को अपने यहां वास्तु एवं ज्योतिष, संविधान पार्क आदि बनाए जाने के साथ ही सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध कराने वाली शिक्षा प्रदान किए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्कृत में उपलब्ध विशिष्ट ज्ञान की सर्वसुलभता कैसे हो, इस पर भी वृहद स्तर पर विश्वविद्यालय कार्य करे।
श्री मिश्र ने नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप शिक्षा में मानवीय मूल्यों के साथ स्वावलम्बन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में स्वयं के संशाधन कैसे विकसित हों और वे आत्मनिर्भर कैसे बनें,इस पर कुलपति खासतौर से विचारें।
उन्होंने नवाचारों को अपनाते विश्वविद्यालयों द्वारा अपने यहां होने वाले शोध में नवीनता, मौलिकता पर विशेष ध्यान दिए जाने की भी आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के शोध कार्य का समाज को वृहद स्तर पर लाभ मिलना चाहिए।
राज्यपाल के सचिव श्री सुबीर कुमार ने इससे पहले नवीन शिक्षा नीति के अंतर्गत उच्चतर शिक्षा के मुख्य प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में शोधकर्ता, सरकार और उद्योगों के बीच लाभकारी संबंध कैसे बने, इसे ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय नवीन पाठयक्रम अद्यतन करे। उन्होंने उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने वाले पाठयक्रमों को लागू करने, स्किल डवलपमेंट पर विशेष जोर देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने बताया कि राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा नवीन शिक्षा नीति को लागू करने के लिए विश्वविद्यालयों की माइक्रो टास्क फोर्स गठित की गयी है। इसके तहत विश्वविद्यालयों के उप समूह बनाकर सुझाव मांगे गए। इस संबंध में महत्वपूर्ण अनुशंषाएं मिली है। इस आधार पर नवीन शिक्षा नीति को व्यवहार में लागू करने की कार्यवाही राज्यपाल के निर्देशानुसार लागू की।
राज्यपाल के प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविन्द राम जायसवाल ने नवीन शिक्षा नीति से जुड़े बिन्दुओं का गहराई से अध्ययन कर व्यवहार में इसे प्रभावी रूप में लागू करने की बात कही। इससे पहले ऑनलाइन बैठक में कुलपतियों ने अपने यहां नवीन शिक्षा नीति को लागू करने के लिए की जा रही कार्यवाही के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

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