Thursday , 24 June 2021

जीवन प्रबंधन के गुणों का विकास कर सफल नेतृत्वकर्ता बनें युवा

राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने कहा है कि युवा औद्योगिक और व्यापारिक प्रबंधन के गुर सीखने के साथ अपने में जीवन प्रबंधन के गुणों का भी विकास करें, तभी वे एक सफल नेतृत्वकर्ता के रूप में स्वयं को साबित कर पाएंगे।

राज्यपाल श्री मिश्र शनिवार को यहां राजभवन से भारतीय प्रबन्ध संस्थान जम्मू द्वारा आयोजित दो दिवसीय लीडरशिप समिट के समापन के अवसर पर ऑनलाइन सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवाओं में भरपूर साहस, शक्ति और ऊर्जा होती है, जिसका सुनियोजित प्रबंधन जरूरी है। उन्होंने भगवद्गीता को जीवन प्रबंधन का महान ग्रन्थ बताते हुए कहा कि इसमें निष्काम कर्म के संदेश के साथ-साथ प्रबंधन का व्यावहारिक ज्ञान भी श्रीकृष्ण और अर्जुन के संवाद में संजोया गया है। गीता की इस कसौटी पर रखकर प्रबंधन किया जाए तो उद्योगपति, श्रमिक तथा आम उपभोक्ता सभी के समान हित को सुनिश्चित किया जा सकता है।

राज्यपाल श्री मिश्र ने विद्यार्थियों को अच्छे एवं प्रभावी नेतृत्व गुण विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि नेतृत्व के लिए पहल करना, पहल के लिए अपने आप पर विश्वास होना और विश्वास के लिए अपने कार्य में श्रद्धा होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्रद्धावान व्यक्ति ही अपने विवेक का देश और समाज के हित में सही उपयोग कर सकता है।
राज्यपाल श्री मिश्र ने युवाओं का आहवान किया कि वे अपने कौशल और क्षमताओं का उपयोग करते हुए रोजगार सर्जनकर्ता बनें। इसके लिए प्रबंधन के सभी आवश्यक गुणों जैसे नियोजन, संगठन, समन्वय, निर्देशन और नियंत्रण का स्वयं में विकास करें।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भुवनेश्वर के शाषी मंडल के अध्यक्ष डॉ. आर. पी. सिंह ने कहा कि सही नेतृत्वकर्ता को जोखिम लेने को तैयार रहना चाहिए और सामने रह कर अपनी टीम का नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वही व्यक्ति सफल नेतृत्वकर्ता बनता है जो कोई भी वादा करे, उसे समय से पहले पूरा करे। उन्होंने कहा कि योग्य प्रबंधक के लिए आवश्यक गुणों का विकास तो प्रशिक्षण द्वारा किया जा सकता है लेकिन नेतृत्व कौशल का विकास नैसर्गिक रूप से ही संभव है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में शिखर तक पहुंचने के अपने सफर में सामने आई चुनौतियों और सफलता के सूत्र उपस्थित विद्यार्थियों से साझा किए।

भारतीय प्रबन्ध संस्थान जम्मू के निदेशक डॉ. बी एस. सहाय ने सभी उपस्थित अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम के आरम्भ में राज्यपाल श्री मिश्र ने संविधान की उद्देश्यिका तथा मूल कत्र्तव्यों का वाचन करवाया।
इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविन्दराम जायसवाल सहित अधिकारीगण, शिक्षकगण तथा विद्यार्थी ऑनलाइन उपस्थित थे।

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