Monday , 18 October 2021

कृषि और बागवानी में जैविक एवं प्राकृतिक पद्धतियों का उपयोग वर्तमान समय की मांग

राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने बुधवार को यहां राजभवन उद्यान में श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर द्वारा निर्मत बूंद-बूंद सिंचाई प्रणाली, अजोला उत्पादन एवं वर्मीकम्पोस्ट इकाइयों का उद्घाटन किया।

राज्यपाल श्री मिश्र ने राजभवन में स्थापित इन इकाइयों की लघु कार्यप्रणाली का अवलोकन कर इनकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी ली। राज्यपाल श्री मिश्र ने राजभवन उद्यान में इन इकाइयों की स्थापना की सराहना करते हुए कहा कि कृषि और बागवानी में जैविक एवं प्राकृतिक पद्धतियों का उपयोग पर्यावरण के अनुकूल तो है ही, स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्तमान समय की मांग भी है।

राज्यपाल श्री मिश्र को कुलपति प्रो. जीत सिंह संधू ने बताया कि पॉलीहाउस में बूंद-बूंद सिंचाई प्रणाली से सीमित जल उपयोग से ही पौधे को हर मौसम में आवश्यकतानुसार पर्याप्त नमी उपलब्ध हो जाती है। अजोला इकाई के बारे में उन्होंने बताया कि अजोला गायों और पशुधन के लिए पौष्टिक आहार का काम करता है, जिससे दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक विधि से तैयार वर्मीकम्पोस्ट या केंचुआ खाद से भूमि को कोई नुकसान नहीं पहुंचता और उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है।

इस दौरान राज्यपाल के सचिव श्री सुबीर कुमार, विशेषाधिकारी श्री गोविन्द राम जायसवाल, राजभवन एवं श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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