Thursday , 24 June 2021

सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलकूद भी जरूरी

महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में विधि एवं सामाजिक विज्ञान भवन का ऑनलाइन लोकार्पण

सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलकूद भी जरूरी

गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता-राज्यपाल
राजस्थान में उच्च शिक्षा में तेजी से हुआ विकास-मुख्यमंत्री
राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा को वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता बताते हुए नागरिकों में विधिक चेतना के लिए प्रभावी प्रयास किए जाने पर जोर दिया है।

श्री मिश्र आज यहां राजभवन से महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर में विधि एवं सामाजिक विज्ञान भवन के ऑनलाइन लोकार्पण समारोह में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने विधि शिक्षा के विकास के लिए सैद्धान्तिकी के साथ व्यावहारिकी ज्ञान को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि विधि शिक्षा में विधि शिक्षकों के साथ न्यायाधीशों, विज्ञ वकीलों और न्याय व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की भी आग्रह कर सेवाएं ली जानी चाहिए।
राज्यपाल ने नवीन शिक्षा नीति की मंशा को समझते हुए विश्वविद्यालयों में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच पर आधारित लोकल फोर वोकल तथा आत्मनिर्भर भारत के लिए भी विश्वविद्यालय में वातावरण निर्माण किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों में संवैधानिक जागरूकता के लिए विश्वविद्यालयों में संविधान पार्क जरूरी बताते हुए प्रदेश में सबसे पहले महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में इस पार्क की स्थापना के लिए सराहना भी की।
श्री मिश्र ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के साथ आधुनिकरण के प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षण संस्थाओं में आधुनिक जरूरतों के हिसाब से प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लासरूम, इंटरनेट वाईफाई आदि सुविद्याएं उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिकता रखते कार्य होना चाहिए।
राज्यपाल ने शिक्षण संस्थाओं में शिक्षा के साथ खेलकूद गतिविधियों के लिए भी निरन्तर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने साइक्लिंग के प्रति विशेष रुचि और इस क्षेत्र में बीकानेर के चेम्पियन रहने को महत्वपूर्ण बताते हुए विश्वविद्यालय में साइक्लिंग वेलोड्रम के निर्माण के कदम की सराहना की। उन्होंने विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंडोर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स के निर्माण के लिए बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि इससे विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र के साथ स्पोर्ट्स हब रूप में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय में शिक्षा संकाय के अंतर्गत एमपीएड के रूप में नवीन विभाग की स्वीकृति भी मुख्यमंत्री स्तर पर जारी करने का आग्रह किया।
श्री मिश्र ने कोरोना के इस दौर में सतर्कता रखते हुए मास्क लगाने, दो गज की दूरी बनाए रखने और स्वच्छता नियमों को आदत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कोरोना जागरूकता के लिए भी सभी स्तरों पर प्रयास किये जाने पर जोर दिया और इस संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा कार्य किए जाने की भी सराहना की।
राज्यपाल ने इससे पहले संविधान उद्देशिका और मूल कर्तव्यों का वाचन करवाया। उन्होंने और मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने पूर्व में महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के विधि और सामाजिक विज्ञान भवन का ऑनलाइन लोकार्पण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि शिक्षा, विज्ञान, उद्योग आदि के क्षेत्र में पंडित नेहरू की दूरदृष्टि से आजादी के बाद से ही आत्मनिर्भरता के कदम उठे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद इस सम्बंध में निरन्तर कार्य हो रहा है। उन्होंने राजस्थान में आईआईटी, एम्स, ट्रिप्लाइआईटी, विधि विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय आयुर्वेद विश्वविद्यालय की स्थापना की चर्चा करते हुए कहा कि इन शिक्षण संस्थाओं से राजस्थान उच्च शिक्षा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान देश का पहला राज्य है जंहा एक साथ अल्प अवधि में 87 महाविद्यालय खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि 2019 में राज्य में 40 और 2021 मे 47 कॉलेज प्रदेश में खोले गए। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा के बिगड़े स्तर को निरन्तर सुधारा गया। राजीव गांधी स्वर्ण जयंती विद्यालय और सभी 33 जिलों में महात्मा गांधी विद्यालय उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र के रूप में खोले गए हैं।
श्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में 10 हजार को स्किल डवलपमेंट से लाभान्वित किये जाने की ऐतिहासिक पहल की गई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में विद्यार्थी परामर्श केंद्रों की स्थापना की भी महत्ती पहल की गई है। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं, निरोगी राजस्थान के लिए उठाए कदमों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने संविधान उद्देशिका, मूल कर्तव्यों के वाचन की राज्यपाल श्री मिश्र की पहल की सराहना भी की।
मुख्यमंत्री ने बीकानेर में शैक्षिक विकास के लिए ऊर्जा एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला द्वारा चार दशकों से निरन्तर किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से बीकानेर में वेटनरी, कृषि विश्वविद्यालयों और दूसरे संस्थानो की स्थापना और तेजी से विकास हुआ है।
ऊर्जा एवं जन स्वास्थ्य अभियान्त्रिकी मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री गहलोत की पहल से प्रदेश में शिक्षा में ऐतिहासिक विकास हुआ है। उन्होंने विद्यार्थियों को सीखने के लिए निरन्तर उत्सुक रहने का भी आह्वान किया। उच्च शिक्षा मंत्री श्री भंवर सिंह भाटी ने प्रदेश में उच्च शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण विकास के साथ आधारभूत सुविधाओं के लिए हो रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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