Wednesday , 1 December 2021

विराट व्यक्ति और सादगी की प्रतिमूर्ति थे पं. दीनदयाल उपाध्याय – राज्यपाल

राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने प्रख्यात विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और विचारों पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ द्वारा प्रकाशित 17 पुस्तकों का सोमवार को यहां राजभवन में लोकार्पण किया।

राज्यपाल श्री मिश्र ने इस अवसर पर कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, रहन-सहन और सोच के बारे में जितनी गहराई में जाते हैं, उतना ही नया सीखने का अवसर मिलता है। दीनदयाल जी का व्यक्तित्व जितना विराट था, उनका जीवन उतना ही सादगी भरा था।

राज्यपाल ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन के आरम्भिक वर्ष धानक्या सहित राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर बीते थे। इसलिए दीनदयाल जी पर आधारित पुस्तकों का राजस्थान में लोकार्पण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। राज्यपाल श्री मिश्र ने इस मौके पर पं. दीनदयाल उपाध्याय के साथ बिताए पलों के संस्मरण भी साझा किए।

इस अवसर पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. कौशल किशोर मिश्र, राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह समिति के अध्यक्ष प्रो. मोहनलाल छींपा, राज्यपाल के प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविन्द राम जायसवाल सहित प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

Check Also

संविधान की मूल प्रति में भारतीय संस्कृति का चित्रण भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक

मूल अधिकार और कर्तव्यों में संतुलन से ही राष्ट्रहित और नैतिक मूल्यों की सही पालना …