Tuesday , 28 September 2021

श्रीरामचरितमानस मानव जीवन की आदर्श आचार संहिता – राज्यपाल

राज्यपाल श्री कलराज मिश्र गुरुवार को नाथद्वारा पहुंचे और वहां संत श्री मोरारी बापू की ‘मानस तत् किम्‘ कथा में भाग लिया। राज्यपाल के साथ लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने भी श्री मोरारी बापू की रामकथा सुनी।

राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने संतकृपा सनातन संस्था की ओर से राबचा स्थित आदर्श गोसंरक्षण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास रचित श्रीरामचरितमानस महाकाव्य ही नहीं है बल्कि मनुष्य जीवन के आदर्श आचार-व्यवहार की संहिता है। उन्होंने कहा कि पावन रामकथा को सुनकर हमें जीवन के आदर्श मूल्यों को अंगीकार करने की प्रेरणा मिलती है।
राज्यपाल श्री मिश्र ने शिव पुराण का उल्लेख करते हुए कहा कि दयालुता, अभिमानशून्यता, परोपकार और जितेन्द्रिय, इन चार गुणों को व्यक्ति ग्रहण कर ले तो समाज का आदर्श स्वरूप सबके सामने होगा।

राज्यपाल ने मोरारी बापू को रामकथा का मर्मज्ञ विद्वान बताते हुए कहा कि संतों का सान्निध्य प्रभु कृपा से ही संभव होता है और यह उनका सौभाग्य है कि श्रीकृष्ण के पावन धाम नाथद्वारा में मोरारी बापू के श्रीमुख से रामकथा सुनने का अवसर उन्हें सुलभ हुआ है।
इस दौरान कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री लालचन्द कटारिया, विधायक श्री संयम लोढा, जिला प्रमुख श्रीमती रतनी देवी, जिला कलक्टर श्री अरविन्द पोसवाल, जिला पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर चौधरी, मिराज समूह के चेयरमैन श्री मदन पालीवाल सहित श्रोतागण उपस्थित रहे।

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