Wednesday , 1 December 2021

अधिकारों एवं कर्तव्यों के संतुलन वाला पवित्र दस्तावेज है संविधान- राज्यपाल

राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र ने कहा कि भारत का संविधान एक दस्तावेज नहीं बल्कि स्वयं एक संस्कृति है। यह हमारी उदात्त भारतीय परंपराओं को व्याख्यायित करती है। हमारा संविधान अधिकारों एवं कर्तव्यों के संतुलन वाला पवित्र दस्तावेज है।

राज्यपाल श्री मिश्र शुक्रवार को संविधान दिवस के अवसर पर उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में नव निर्मित संविधान पार्क, मुख्य द्वार एवं विभिन्न भवनों के लोकार्पण के बाद आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संविधान में लोक कल्याण की बात प्रमुखता से कही गई है क्योंकि लोक कल्याण में ही सबका हित है। उन्होंने संविधान में चित्रांकन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि महाभारत, रामायण एवं पौराणिक आख्यानों को रेखांकित करते हुए प्रेरणा प्रदान करने के लिए चित्र अंकित किए गए हैं। यह हमारी संस्कृति का ही प्रतिरूप है।

राज्यपाल ने कहा कि हमारा संविधान अधिकारों एवं कर्तव्यों के संतुलन वाला पवित्र दस्तावेज है। इसकी प्रस्तावना दुनिया के तमाम संविधानों की प्रस्तावनाओं में सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने कहा कि अधिकारों की बात सब करते हैं और उसका गलत इस्तेमाल करते हुए अराजकता फैलाने की कोशिश भी करते हैं। ऐसे लोगों को कर्तव्यों की जानकारी नहीं होती। इसीलिए उन्होंने राज्यपाल बनने के बाद सार्वजनिक समारोहों में कर्तव्यों का वाचन शुरू करवाया। संविधान पार्क बनाने की संकल्पना रखी और मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय पहला विश्वविद्यालय बन गया है जिसने कम समय में संविधान पार्क बना दिया है। इसमे कर्तव्यों का उल्लेख किया गया है जिसको पढ़ कर विद्यार्थियों के मन में अधिकारों के साथ ही कर्तव्यों को निर्वहन करने की प्रेरणा जग सके। छात्र कर्तव्यों को अपने आचरण में ला सकें।

राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी की नाथद्वारा को टीएसपी क्षेत्र में जोड़ने की मांग पर कहा कि वे शीघ्र ही इस संबंध में अधिकारियों से बात करेंगे, बैठक करेंगे और शीघ्र ही स्वयं इन जिलों का दौरा भी करेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र हम सब की आत्मा में बसा है और इसकी रक्षा करना हम सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि भारत एक विविधतापूर्ण परिवेश एवं विविध संस्कृतियों का देश है जिसमें सबके अधिकारों को सुरक्षित किया गया है। यही संसदीय लोकतंत्र की खूबसूरती है। डॉ. जोशी ने राज्यपाल से पुनः आग्रह किया कि राजसमंद जिले के आदिवासियों को टीएसपी क्षेत्र का लाभ दें ताकि उन्हें मुख्यधारा में जोड़ा जा सके एवं उनके लिए रोजगार का सृजन किया जा सके।

सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति ऊर्जावान हैं और विधानसभा अध्यक्ष का उनको साथ मिला है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रगति की ओर निरंतर अग्रसर होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि निंबाहेड़ा में ईस्ट ब्लॉक कैंपस का उद्घाटन भी शीघ्र किया जाएगा।

उदयपुर सांसद श्री अर्जुन मीणा ने कहा कि राजसमंद जिले के आदिवासियों को टीएसपी में शामिल करने के बारे में अगर राज्य सरकार प्रस्ताव भेजती है तो वह केंद्र में इसे आगे बढ़ाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए परिसर विस्तार की योजनाएं बनाई गई हैं।

इस अवसर पर मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के अब तक के इतिहास पर प्रकाशित ग्रंथ का राज्यपाल द्वारा लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्री चेतन देवड़ा, राज्यपाल के प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविन्दराम जायसवाल, एमडीएम विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलपति प्रो अजय शर्मा, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की निदेशक किरण सोनी गुप्ता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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