Saturday , 18 September 2021

युवाओं के बेहतर कल के लिए प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाए

राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने युवाओं के बेहतर कल के लिए प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार के नवीन क्षेत्रों की तलाश कर उन पर कार्य करने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग से वृहद, मध्यम एवं लघु उद्योगो को बढ़ावा दिए जाने का आह्वान किया है।

श्री मिश्र गुरूवार को जयपुरिया इंस्टीटयूट ऑफ मैनेजमेंट की आठवीं इंटरनेशनल ‘यूथ 2025’ कांफ्रेंस के ऑनलाइन उदघाटन के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वही विकास दीर्घकाल तक स्थायी रह सकता है जिसमें प्रकृति के अधिकाधिक दोहन की बजाय संरक्षण की सोच के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने युवाओं को देश की प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की सोच रखते हुए व्यावसायिक विकास के नवाचारों पर अधिकाधिक ध्यान देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यवसाय में बेहतर प्रबंध से उसकी सफलता सुनिश्चित होती है। इसी तरह प्राकृतिक संसाधनो के समुचित संरक्षण के साथ स्थानीय संसाधनो के व्यावसायिक उपयोग का समुचित प्रबन्ध यदि किया जाता है तो औद्योगिक विकास के ‘बेहतर कल’ का निर्माण किया जा सकता है।

राज्यपाल ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए उद्यमशीलता और नवोन्मेष को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि उच्चतम प्रौद्योगिकियों को अपनाने के साथ ही देश के छोटे व मझोले उद्यमों के विकास को सभी स्तरों पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे एवं मध्यम उद्योग किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं, उन पर विशेष ध्यान देने के साथ ही उनसे संबंधित उत्पादों के वैश्विक विपणन पर भी ध्यान दिया जाए। इसके लिए व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं में आरम्भ से ही शिक्षण-प्रशिक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए।

श्री मिश्र ने कहा कि राजस्थान उद्योगपतियों की नर्सरी है। राजस्थान के कारोबारियों ने पूरे विश्व में अपने कौशल और सूझ-बूझ की गहन व्यावसायिक दृष्टि से विशिष्ट पहचान बनायी है। उन्होंने नवलगढ़, पिलानी, सुजानगढ़ से बाहर गए उद्यमियों की चर्चा करते हुए कहा कि जरूरत इस बात की भी है कि राजस्थान के प्रवासी उद्यमी प्रदेश में ही उद्योग धन्धे स्थापित कर यहां अधिकाधिक निवेश कर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करें।

पूर्व में राज्यपाल श्री मिश्र ने संविधान की उद्देशिका एवं मूल कत्र्तव्यों का वाचन करवाया। उन्होंने भारतीय संविधान को मानवीय अधिकारों का वैश्विक दस्तावेज बताते हुए इसके प्रति युवाओं में जागरूकता का आह्वान भी किया। इससे पहले जयपुरिया इंट्रिगल एज्युकेशन सोसाइटी’ के अध्यक्ष श्री शरद जयपुरिया ने राजस्थान में उद्यमिता एवं औद्योगिक विकास की संभावनाओं के साथ व्यावसायिक शिक्षण पर विस्तार से प्रकाश डाला। जयपुरिया इन्स्टीट्यूट के उपाध्यक्ष श्रीवत्स जयपुरिया एवं जयपुरिया इंस्टीटयूट ऑफ मैनेजमेंट, जयपुर के निदेशक डॉ प्रभात कुमार पंकज ने इन्स्टीट्यूट से जुड़े व्यावसायिक शिक्षण और युवाओं में उद्यमिता नवाचारों के लिए किए जा रहे कार्यो के बारे में जानकारी दी।

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