Tuesday , 28 September 2021

ग्रामीण तथा पिछड़े इलाकों में शिक्षा से वंचितों को मिले उच्च शिक्षा के अधिक अवसर – राज्यपाल

राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने ग्रामीण तथा पिछड़े इलाकों में शिक्षा से वंचितों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने हेतु दूरस्थ शिक्षा को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने इन्टरनेट की दुनिया में नित नए आ रहे परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता की उच्च शिक्षा ऑनलाइन प्रदान करने के विशेष प्रयास करने पर जोर दिया है।

श्री मिश्र शुक्रवार को राजभवन में वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के 35 वें स्थापना दिवस समारोह में ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छोटे-बड़े उद्योगों को कार्यकुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाले और किसानों को तकनीकी रूप से उन्नत करने के अंतर्गत ‘लैब-टू-लैंड‘ जैसे पाठ्यक्रमों का खुला विश्वविद्यालय क्रियान्वयन करे। उन्होंने कहा कि मुक्त शिक्षा प्रणाली में ऐसे पाठ्यक्रमों पर जोर दिया जाए जिनका अधिकाधिक लाभ समाज और युवा पीढ़ी के भविष्य को मिल सके।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने पाठ्यक्रमों का पुनरावलोकन कर विद्यार्थी हित में आधुनिक समय संदर्भों के हिसाब से नवीन पाठ्यक्रमों को तैयार करवाए। देश के उत्कृष्ट लेखकों, विषय विशेषज्ञों की सेवाएं पाठ्यक्रम तैयार करने में विश्वविद्यालय ले। इसके साथ ही व्यावहारिक स्तर पर शिक्षण-प्रशिक्षण के भी अधिक अवसर विश्वविद्यालय सुलभ कराएं। उन्होंने कोरोना महामारी के इस विकट दौर में घर बैठे शिक्षा से संबंधित आ रही चुनौतियां का समग्र रूप में आकलन कर ऐसी शिक्षण व्यवस्था को भी भविष्य में अपने पर जोर दिया जो अधिक व्यावहारिक और रूचिप्रद हो।

श्री मिश्र ने कहा कि कोविड के विकट दौर में सूचना और संचार तकनीक से दूरस्थ शिक्षण की भूमिका सभी स्तरों पर सराही गयी है। जरूरत इस बात की भी है कि ऐसे स्थान जहां उच्च शिक्षा की अभी भी पहुंच की चुनौतियां हैं वहां पर खुला विश्वविद्यालय अधिकाधिक विद्यार्थियों को नामांकन के लिए प्रोत्साहित कर गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का प्रसार करे। उन्होंने कहा कि ऐसी शिक्षा जो परम्परागत ज्ञान के साथ समय संदर्भों को अपने में समाविष्ट कर प्रदान की जाए, उसी से भविष्य के नागरिकों का सर्वांगीण विकास किया जा सकता है।

राज्यपाल ने इससे पहले विश्वविद्यालय के नवनिर्मित परीक्षा भवन के प्रथम तल का लोकार्पण किया। उन्होंने सभी को संविधान की उद्देशिका और मूल कर्तव्यों का भी वाचन करवाया।

उच्च शिक्षा मन्त्री श्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि कोविड के विकट दौर में भी प्रदेश में उच्च शिक्षा के प्रसार के महत्ती प्रयास किए गए हैं। उन्होंने खुला विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन शिक्षण के नवाचारों की चर्चा करते हुए प्रदेश में उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय द्वारा पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा प्रसार की पहल को भी सराहा।

इससे पहले विशिष्ठ अतिथि और वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा के संस्थापक कुलपति प्रो. वी. आर. मेहता ने ’दूरस्थ शिक्षा एक भविष्य दृष्टि’ पर विशेष व्याख्यान दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतनलाल गोदारा ने बताया कि एक लाख से अधिक विद्यार्थी इस समय खुला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री सुबीर कुमार भी ऑनलाइन उपस्थित रहे।

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