Monday , 26 October 2020

मानवीय संवेदनाओं के साथ आधुनिक तकनीक के उपयोग की आवश्यकता

आत्मनिर्भर भारत मिशन का शुभारम्भ: मानवीय संवेदनाओं के साथ आधुनिक तकनीक के उपयोग की आवश्यकता, जनजागरण के लिए निरन्तरता आवश्यक – राज्यपाल
राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने कहा है कि जनजागरण के लिए निरन्तरता आवश्यक है। कोरोना वैश्विक महामारी की समाप्ति के लिए लोगों को निरन्तर सावचेत करना होगा। राज्यपाल ने कहा कि मानवीय संवेदनाओं के साथ आधुनिक तकनीक के उपयोग की आज आवश्यकता है। जीवन में स्वदेशी अपनाने पर पूरा जोर देना होगा। जीवन के लिए जो आवश्यक है, उसे स्थानीय स्तर पर ही तैयार करना होगा और उसकी गुणवत्ता को भी बनाना होगा। आज नई चुनौती लोकल के लिए वोकल होने और लोकल को ग्लोबल बनाने की है।
राज्यपाल श्री मिश्र राजभवन में आत्मनिर्भर भारत मिशन के शुभारम्भ समारोह को वीडियो काॅन्फ्रेन्स से सम्बोधित कर रहे थे। यह समारोह बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय और एम्पलायर एसोसिएशन ऑफ़ राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान मे आयोजित किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि कोविड-19 के बाद भारत को अब एक नई प्राणशक्ति, नई संकल्पशक्ति के साथ आगे बढ़ना है और विश्वमहाशक्ति बनना है। भारत में, स्वदेशी, एक विचार के रूप में देखा जाता है, जो भारत की संरक्षणवादी अर्थव्यवस्था का आर्थिक मॉडल रहा है। राष्ट्र इस विचार की वकालत भी करता रहा है। आत्मनिर्भर भारत बनाने में स्वदेशी का विचार काफी उपयोगी है। खादी ग्राम उद्योग के उत्पादों की बढती मांग इसका उदाहरण है।
श्री मिश्र ने कहा कि आत्मनिर्भरता और स्वदेशी मॉडल ही भारत को आगे ले जा सकता है। हमें लोकल चीजों को लेकर वोकल होना चाहिए। यानी भारतीयों को स्थानीय चीजों के बारे में ज्यादा बात करनी चाहिए, खुलकर बात करनी चाहिए। आत्मनिर्भरता वैसे भी हर देश का एक वांछित सपना है। भारत का मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट, भारत को मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने में भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर यानी बुनियादी ढाँचा चीन के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए या भारत में निवेश करने के लिए, चीन स्थित विदेशी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए, भारत को विश्व स्तर के बुनियादी ढांचे का निर्माण करना होगा। भूमि, पानी और बिजली में सुधार की जरूरत है। सिस्टम यानी प्रणाली में अत्याधुनिक तकनीक को अपनाना और समाज में डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाना जरूरी है। यह अर्थव्यवस्था का चालक साबित हो सकता है। समारोह को कुलपति श्री एच डी चारण, एम्लायर एसोसिएशन के श्री एन के जैन और श्री बी के जेटली ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री सुबीर कुमार और प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविन्दराम जायसवाल भी मौजूद थे।

Check Also

आईसीएआर व वीसीआई द्वारा आने वाली प्रस्तावित रिपोर्ट अनुरूप नई शिक्षा नीति लागू करने की हो तैयारी

आईसीएआर व वीसीआई द्वारा आने वाली प्रस्तावित रिपोर्ट अनुरूप नई शिक्षा नीति लागू करने की …