Monday , 26 October 2020

उद्यमिता विकास के लिए युवाओं को आत्मविश्वासी बनाना होगा- राज्यपाल

राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत वर्तमान परिप्रेक्ष्य में समीचीन हैं। आत्म निर्भर भारत एवं आर्थिक दृष्टिकोण से सषक्त भारत की कल्पना को साकार करने के लिए सभी को प्रयास करने होंगे। आज के इस समय में उद्यमिता विकास के लिए युवाओं में आत्मविश्वास पैदा करना होगा। युवाओं को आत्मनिर्भर भारत में भागीदार बनाने के लिए लोगों को उनमें आत्मविश्वास पैदा करना होगा। इससे भारत आत्मनिर्भर बनेगा, सम्पन्न बनेगा।
राज्यपाल श्री मिश्र रविवार को यहां राजभवन से जन चेतना मंच द्वारा आयोजित स्व सुन्दर सिंह भण्डारी जन्म शताब्दी और व्याख्यानमाला समारोह को वीडियो कान्फ्रेन्स के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने इस अवसर पर संविधान की प्रस्तावना और कर्तव्यों का वाचन भी कराया।
राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने कहा कि आत्मविष्वास की कमी से युवा नौकरी के लिए भटक रहा है। जबकि हमारे पास गांव में ही धन्धे आरम्भ करने के लिए संसाधन है। मेहनत हमें करनी होगी। अपने गांव में ही रहकर हम अपना जीवनयापन कर सकते हैं, साथ ही देष की सेवा भी कर सकते हैं। देष में युवाओं को स्वावलम्बी बनाने के लिए देष व प्रदेष में अनेक योजनाओं को संचालित किया जा रहा है। इन योजनाओं की जानकारी गांव के लोगों को देनी होगी। ग्रामीण युवाओं के साथ हम सभी को जुटना होगा तब ही ग्रामीण युवा स्वरोजगार आरम्भ करने की हिम्मत जुटा पायेंगे। राज्यपाल ने कहा कि आवष्यकता है लोगों को योजनाओं की जानकारी कराने की ताकि युवा योजनाओं से लाभान्वित हो सके। अब युवाओं को सेवा प्रदाता बनाना होगा। युवाओं को कौषल में दक्ष करना ही होगा। इससे युवा कम पूंजी में अपना व्यवसाय आरम्भ कर सकेगा।
राज्यपाल ने कहा कि भण्डारी जी के सादगीपूर्ण जीवन ने आम आदमी को अत्यन्त प्रभावित किया। स्वर्गीय भण्डारी जी नेक दिल इंसान थे। उनमें इंसानियत भरी हुई थी। आज के इस समय में इंसानियत वाले लोगों की आवष्यकता है। देष की भावी पीढी को आज उनके समर्पण एवं त्याग से अवगत कराने की आवष्यकता है। लोगों की मदद करने में वे लगे रहते थे। ईमानदारी और कर्त्तव्यनिष्ठा उनके जीवन से सीखी जा सकती है। राजनीति में सक्रिय होने के बाद भी शत प्रतिषत कार्यकर्ताओं के पत्र का जवाब पोस्टकार्ड से देना व मितव्ययता के मद्देनजर सदैव संगठन के कार्य के लिए बस व ट्रेन में सफर करने में कोई संकोच नहीं करना उनकी सरलता, सहजता व समर्पण युक्त जीवन को परिलक्षित करता है।
राज्यपाल ने कहा कि स्वर्गीय भण्डारी जी से मेरा निकट का सम्बन्ध था। उनसे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। भण्डारी जी के आदर्षो को आत्मसात करके मुझे जीवन में आगे बढने में मदद मिली। समग्रता की वे बात करते थे। स्वस्थ समाज की वे बात करते थे। समाज को आगे बढाने की बात करते थे। स्वर्गीय भण्डारी दलित, वंचितों की मदद करने की पहल करते थै।
समारोह को राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता श्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि स्व भण्डारी सरल व्यक्ति थे। उन्होंने समाज में मानव जीवन को नई दिषा देने की पहल की। गरीबों की मदद करने में श्री भण्डारी ने अग्रणी भूमिका निभाई। समारोह को श्री बजरंग लाल, श्री निम्बाराम, श्री हेमंत शर्मा और श्री आई एम सेतिया ने भी सम्बोधित किया।

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