Wednesday , 26 April 2017
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NJAC was the people’s will

NJAC

On October 15, a constitutional bench comprising five judges declared the National Judicial Appointments Commission (NJAC) act unconstitutional on the plea that it would affect the independence of the judiciary. The bench also struck down the 99th Constitution Amendment Act, which was passed unanimously by both Houses of Parliament. In fact, the judgment has tried to compromise with the basic structure of the Constitution of India. The Constituent Assembly, in the Preamble to the Constitution, made it clear that the people of India will be the sovereign of the Indian Republic. The most important structure of the Constitution is parliamentary ...

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गंगा : देश की जीवनधारा

ganga

गंगा भारत की जीवनधारा है यह केवल नदी ही नहीं, भारत की आस्था, संस्कृति , परंपरा, सभ्यता की स्वर्णिम इतिहास, प्रेरणा और पूजा है | विशाल जलराशि समेटे गंगा भारत की शाश्वत पहचान, आजीविका का उपक्रम और मर्यादा है| हिन्दू परंपरा में गंगा माँ है, अति पूज्य है गंगा के बारे में अनंतकाल से न जाने कितनी जनश्रुतियां प्रचलित हैं। राजा भागीरथ गंगा को अपने अद्भुत तथा सफल तप से धरती पर लाए थे । इस तपस्या ने उनको अमर एवं वंदनीय बना दिया । उनका प्रयास भागीरथ प्रयास के रूप में एक लोकप्रिय जनश्रुति बन गया । अब वह ...

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नारी के सम्मान की सुरक्षा सरकार व् समाज का सामूहिक उत्त्तरदायित्व

वैदिक भारत में नारी का स्थान पूजनीय व् सम्मानित था, परन्तु आज के पुरुष प्रधान समाज में नारी को अपने सम्मान व् सुरक्षा हेतु सदैव पुरुषों पर सदैव आश्रित माना जाता रहा है l बचपन में पुत्री के रूप में पिता पर आश्रित, युवावस्था में पत्नी के रूप में पति पर आश्रित और वृध्दावस्था में माँ के रूप में पुत्र पर आश्रित रही है l परन्तु आज के आधुनिक युग में जहाँ स्त्री आर्थिक रूप से स्वावलम्बी हो चुकी है, शिक्षा के हर क्षेत्र में पुरुषों का कड़ी प्रतिस्पर्धा दे रही है परन्तु सम्मान व सुरक्षा की दृषिट से काफी ...

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भूमि अधिग्रहण का वर्तमान स्‍वरूप किसानों के सम्‍मान व सुरक्षा के लिए

भूमि अधिग्रहण बिल-2015 एक लम्‍बे संघर्ष का परिणाम है । यद्यपि प्रारंभ में इसे किसान विरोधी व किसानों को विस्‍थापित करने वाले दमनकारी कानून के रूप में जाना जाता था । लगभग 125 वर्षों के संघर्ष के पश्‍चात किसानों के सम्‍मान एवं सुरक्षा के मानक के रूप में यह अधिनियम अपने वर्तमान रूप में आया है । यद्यपि कुझ स्‍वार्थी लागों द्वारा इसे किसान विरोधी कहा जा रहा है जो असत्‍य है । इसके वास्‍तविक स्‍वरूप और उद्देश्‍य को जानने के लिए इसके 125 वर्ष के इतिहास को जानना आवश्‍यक है । वष्र 1894 में ब्रिटिश इंडिया सरकार ने एक ...

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नए आर्थिक परिप्रेक्ष्य में एक संतुलित और विकासोन्मुख बजट 2015-16

सन 1990 के बाद वैश्वीकरण के युग के पश्चात देश के वार्षिक बजट में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। जहां 1990-91 में केंद्र सरकार का खर्च जीडीपी का कुल 17 प्रतिशत हुआ करता था और सरकार विभिन्न वर्ग, समूहों को राहत देने के उद्देश्य से सब्सिडी का भारी बोझ रहा करता था परन्तु अब सरकारी खर्च और सब्सिडी पर लगातार कटौती की जा रही है। वर्ष 2013-14 में सरकारी खर्च जीडीपी का 13.7 प्रतिशत था, एनडीए सरकार ने वर्ष 2014-15 में इसे जीडीपी का 13.3 प्रतिशत रखा और इस वर्ष के बजट में यह जीडीपी का 12.6 प्रतिशत रखा गया है। ...

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Mechanism for Selection and Appointment of Judges

Ancient India had a fairly well-developed system of administration of justice. The king was considered as the fountain of justice. In the discharge of his function, he was assisted by the Brahmins. Who were proficient in dharmshatras. For appointment of judges, Caste consideration was a dominant factor. Brahmins were preferred for judicial appointment. As regards qualification, it was clearly laid down that the person should be proficient in the text; should be master of vedas and smritis and follow the path of Dharma. Women were not allowed to hold judicial office. Judge’s tenure depended entirely on the pleasure of the ...

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Decade after Economic Liberalisation

art

India liberalized its economy in 1991, opting for globalisation. Today, millions of people still go hungry in this country despite high growth in the economy. Inflation has added to their woes. Development that does not benefit the masses is meaningless. India adopted the policy of liberalisation, privatisation and globalisation in 1991 to ensure economic growth. India is now seen as the second fastest growing economy of the world and its rate of growth is expected to hit double digist in the near future. Among the notable features of the economy in 2010-11 were exports touching $245 billion in compassion to ...

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राष्ट्रवादियों व स्वतंत्रता सेनानियों के विषय में पूर्वाग्रह छोड़कर पुनर्विचार की आवश्यकता

Kalraj Mishra

देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाडी ने हाल ही में उनके ब्लाग्स पर आधारित पुस्तक दृष्टिकोण में इस बात का आग्रह कि राष्ट्रवादियों के विषय में कांग्रेस अपने दृष्टिकोण पर पुनः विचार करे। इस सम्बन्ध में उन्होंने संसद के सेन्ट्रल हाल में विनायक दामोदर सावरकर के लगे चित्र व उनकी जयन्ती व पुण्य तिथि पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम का कांग्रेस द्वारा बहिष्कार का वर्णन किया। संसद के सेन्ट्रल हाल में महात्मागांधी सहित लगभग 25 नेताओं के चित्र लगे हैं। इन नेताओं में सुभाषचन्द्र बोस, सी राजगोपालाचारी, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, पं0 मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, डा0 ...

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उत्तर प्रदेष विधानमण्डल के 125 वर्ष

125 years of U.P. Vidhan Sabha

आज उत्तर प्रदेष विधानमण्डल के स्थापना के 125 वर्ष पूर्ण हो चुके हैंं। इस विधानमण्डल की श्री लालबहादुर “ाास्त्री, आचार्य नरेन्द्र देव, गोविन्दबल्लभ पन्त, पुरूशोत्तम दास टण्डन, चैधरी चरण सिंह, श्रीमती विजय लक्ष्मी पण्डित, रफी अहमद किदवई, लियाकत अली खां, पं0 कमला पति त्रिपाठी, झारखण्डे राय, पं0 माधव प्रसाद मानव त्रिपाठी आदि अनेक विभूतियां सदस्य रह चुकी हैं। जिन्होंने आगे चलकर राश्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान किया। यदि यह कहा जाए कि देष की राजनीति की दषा व दिषा इस विधानमण्डल के दोनों सदनों से तय होती रही है तो अतिषयोक्ति नहीं होगी। इस अवसर पर उत्तर प्रदेष विधानमण्डल की ...

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Crisis of Electricity in UP

Electricity Crisis in UP

Last week DERC Uttar Pradesh approved power tariff up to 40% for domestic, commercial and rural consumers in the state. Surprisingly the industrial sector has been spared from this like. Samjwadi Party came to power in 2012 assembly elections on a promise of power supply for 20 hrs in rural areas and fro 22 hrs in urban areas and distributions of lap-tops and tablets to the students. Due to ante people policies of U.P.A. Govt. at centre and the state Government the common people are finding if difficult to manage two times meal and last week price hike of Petrol, ...

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