Wednesday , 8 July 2020

अग्रसेन कन्या पीजी कालेज का 42वां स्थापना दिवस समारोह

केंद्रीय सूक्ष्म मध्यम लघु उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि शिक्षकों को अपने आचरण में सुधार लाना चाहिए क्योंकि शिक्षकों के आचारण का ही असर छात्रओं पर भी पड़ता है। ऐसे में किताबी ज्ञान से हटकर शिक्षकों को अपने आचरण के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कार का बीज अंकुरित कराने का प्रयास करना चाहिए। 1वह बुधवार को अग्रसेन कन्या पीजी कालेज, परमानंदपुर परिसर में आयोजित 42वें स्थापना दिवस alt145सृजन 2015alt146 के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्यालय पुस्तकीय ज्ञान के अलावा अनुशासन व संस्कार भी शिक्षकों के माध्यम से ही मिलते हैं। वहीं खेल, संस्कृति, वाद विवाद, लेखन, नाटक सहित अन्य सांस्कृतिक व साहित्यक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों का सृजनात्मक विकास करना है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में आत्मविास व संस्कार भी जागृत होता है। उन्होंने विद्यालय में एक्क्यूवेसन सेंटर (रोजगार प्रशिक्षण केंद्र) खोलने की भी घोषणा की। अध्यक्षता काशी विद्यापीठ के कुलपति डा. पृथ्वीश नाग ने की। समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। स्वागत प्राचार्या डा. कुमकुम मालवीय व संस्था के प्रबंधक संदीप अग्रवाल ने किया। संचालन डा. धनंजय सहाय व धन्यवाद ज्ञापन संस्था के अध्यक्ष संतोष कुमार अग्रवाल ने किया।1अग्रसेन पीजी कालेज के स्थापना दिवस समारोह में बोलते केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र।उद्घाटन सत्र के बाद छात्रओं ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की। इस क्रम नृत्य, समूह गीत, शमां बांधे रखा। इसे पहले वाद-विवाद, आशुभाषण, काव्य पाठ भी हुआ।1पुरस्कृत हुईं छात्रएं 1इस मौके पर महाविद्यालय के स्नातक व स्नातकोत्तर मेधावी छात्रओं के अलावा पुरातन छात्रओं को पुरस्कृत किया गया।

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