Saturday , 27 February 2021

खुशहाल, समृद्ध और निरोगी राजस्थान के निर्माण के लिए मिलजुल कर कार्य करें

राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने 72वें गणतंत्र दिवस पर देश-प्रदेशवासियों और सरहद पर तैनात जांबाज जवानों को बधाई एवं शुभकामना दी है। राज्यपाल श्री मिश्र ने इस अवसर पर खुशहाल, समृद्ध और निरोगी राजस्थान के निर्माण के लिए मिलजुल कर कार्य करने का आह्वान किया है। उन्होंने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान करने वाले ज्ञात- अज्ञात शहीदों को नमन करते हुए आजादी के लिए सर्वस्व समर्पण करने वाले स्वतन्त्रता सेनानियों के त्याग एवं संघर्ष के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है।
राज्यपाल श्री कलराज मिश्र का गणतंत्र दिवस पर संदेश अविकल रूप से प्रस्तुत है-
* 72 वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर मैं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।
* विश्व के सबसे बडे़ लोकतांत्रिक देश भारत की आजादी के लिए लम्बा संघर्ष रहा है। आजादी की लड़ाई में सर्वस्व बलिदान करने वाले अमर शहीदों को मैं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं साथ ही आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए उनके स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूं।
* राष्ट्र की एकता और अखण्डता को बनाये रखने के लिए शहादत देने वाले जांबाज सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों के जवानों तथा पुलिसकर्मियों को मैं तहेदिल से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं साथ ही अन्तर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के लिए तैनात जवानों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।
* गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर मैं हमारे देश में लोकतंत्र को मजबूत करने वाले सभी महान् नेताओं का आदर के साथ स्मरण करता हूं। आज के दिन हमें संविधान के अनुरूप आचरण करने के संकल्प को दोहराने की आवश्यकता है।
* प्रदेश के विकास और प्रगति के लिए राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह एवं संवेदनशीलता के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। सरकार सभी वर्गों और विशेषतः महिलाओं, बच्चों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा, अल्पसंख्यक व दिव्यांग वर्ग तथा किसानों, श्रमिकों व छोटे व्यापारियों के कल्याण व उत्थान के लिए निरन्तर कार्य कर रही है।
* राज्य सरकार आधारभूत सुविधाओं के साथ ही कृषि व पशुपालन, औद्योगिक विकास, व्यापार, श्रम व रोजगार, ग्रामीण विकास, सहकारिता, नगरीय विकास, चिकित्सा, शिक्षा, बिजली, पानी, सड़क, परिवहन, खाद्य सुरक्षा, आधारभूत संरचना, सूचना तकनीकी, पर्यटन एवं सामुदायिक सेवाओं सहित सभी क्षेत्रों में त्वरित विकास हेतु निरंतर जुटी हुई है।
* मुझे यह बताते हुए गर्व है कि राज्य सरकार के शानदार कोरोना प्रबंधन से राजस्थान को देश में माॅडल के रूप में सराहना मिली है। सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों में कोरोना की निःशुल्क जांच व इलाज की सुविधा प्रदान कर हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया। आॅक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर्स, ऑक्सीजन प्लांट्स आदि में बडे़ पैमाने पर वृद्धि की गई है।
* राज्य में कोरोना टेस्ट के लिए सेम्पलस बाहर भेजे जाते थे आज सभी 33 जिलों में कोरोना की जांच सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है एवं जांच क्षमता प्रतिदिन 60 हजार हो चुकी है। पोस्ट कोविड क्लिनिक्स भी संचालित किए जा रहे हैं।
* यह सुखद है कि अब कोरोना की वैक्सीन आ चुकी है। हैल्थकेयर वर्कर्स को प्राथमिकता से वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके पश्चात फ्रंटलाइन कोरोना वाॅरियर्स, बुजुर्गों व अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों को प्राथमिकता क्रम से वैक्सीन लगाई जायेगी। जन भागीदारी से वैक्सीनेशन मिशन में भी राजस्थान को माॅडल राज्य बनाया जायेगा।
* कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश की गांव-ढाणियों एवं वार्ड-मोहल्लों में निरंतर जन जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है साथ ही 2 अक्टूबर से ‘‘नो मास्क-नो एंट्री’’ एवं मास्क वितरण का जन आंदोलन व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। अब तक 1 करोड़ 60 लाख मास्क निःशुल्क वितरित किये जा चुके हैं।
* प्रदेश में चिकित्सकों के 2 हजार अतिरिक्त पद सृजित कर नियुक्ति दी गई। वर्ष 2020 में कुल 2 हजार 727 चिकित्सकों एवं 11 हजार से अधिक नर्सिंगकर्मियों को नियुक्तियां दी गई।
* मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के तहत अब तक करीब 86 करोड़ लोगों को लाभान्वित किया गया है। इसमें विभिन्न प्रकार की 713 दवाएं, 181 सर्जिकल्स एवं 77 सूचर्स निःशुल्क उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के अन्तर्गत 90 प्रकार की जांचें निःशुल्क की जा रही हैं। योजना में अब तक करीब 33 करोड़ 86 लाख रोगियों की निःशुल्क जांचें की जा चुकी हैं।
* भामाशाह योजना का स्वरूप वृहद करते हुए आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी-राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की गई। इस योजना में कुल 1 करोड़ 10 लाख परिवारों को अब 3 लाख 30 हजार की जगह 5 लाख तक के निःशुल्क बीमा के तहत उपचार सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसमें 520 राजकीय एवं 972 निजी अस्पताल संबद्ध हैं। योजनान्तर्गत कुल प्रीमियम राशि 1 हजार 748 करोड़ रूपये में से 78 प्रतिशत से अधिक अर्थात 1 हजार 371 करोड़ रूपये की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है।
* सुशासन को बढ़ावा देने एवं आमजन को सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलबध कराने के लिए ‘‘जन कल्याण पोर्टल’’ लाॅन्च किया गया है।
* बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए 33 जिला मुख्यालयों पर अंग्रेजी माध्यम के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय खोले गए। इस योजना को विस्तार देते हुए वर्ष 2020-21 में 168 ब्लाॅक में राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय स्थापित किए गए हैं।
* प्रदेश में 90 नवीन राजकीय महाविद्यालय खोलने के साथ ही 12 स्नातक राजकीय महाविद्यालयों को स्नातकोत्तर के रूप में क्रमोन्नत कर उच्च शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
* राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। वर्तमान सरकार के द्वारा 81 हजार 663 युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी हैं एवं 50 हजार 865 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है साथ ही एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार अथवा स्वरोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
* पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुये विगत दो वर्षों में प्रदेश में 483 नवीन पशु चिकित्सा उपकेन्द्र खोले गये हंै। पशुधन निःशुल्क आरोग्य योजनान्तर्गत लगभग 5 करोड़ 89 लाख पशुओं का उपचार एवं 8 करोड़ 12 लाख पशुओं का टीकाकरण कर पशुपालकों को लाभान्वित किया गया है।
* गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश की गौशालाओं को इस वित्तीय वर्ष में 585 करोड़ रूपयेे का अनुदान दिया है।
* कृषकों को वर्ष 2020-21 में माह दिसम्बर 2020 तक 11 हजार करोड़ रूपये से अधिक का अल्पकालीन ऋण, लगभग 244 करोड़ रूपये का मध्यकालीन ऋण एवं 108 करोड़ रूपये का दीर्घकालीन ऋण वितरित किया गया है।
* कृषि उपजों के प्रसंस्करण व व्यवसाय को बढ़ावा देने की दृष्टि से राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन योजना-2019 में अब तक 179 परियोजनाओं को मंजूरी दी जाकर 69 करोड़ रूपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है।
* राजस्थान भू-राजस्व नियमों में संशोधन कर ग्रामीण क्षेत्र की खातेदारी कृषि भूमि पर 10 हैक्टेयर तक खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए भूमि रूपांतरण की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है।
* राज्य के नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों, चिकित्सा संस्थानों, शिक्षण संस्थाओं, नव सृजित ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों सहित अन्य राजकीय संस्थानों के भवनों के लिए त्वरित कार्यवाही कर भूमि आवंटित की गई है।
* काश्तकारों को कृषि ऋण आसानी से उपलब्ध कराने के लिए जयपुर एवं झुंझुनूं जिलों में बैंक रहन पोर्टल की पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरूआत की गई है।
* वर्ष 2020-21 में टिड्डी दल के प्रबंधन हेतु 11 करोड़ 36 लाख रूपये तथा प्राकृतिक आपदा से फसलों में खराबा होने पर प्रभावित पात्र कृषकों को सहायता वितरण करने हेतु –526 करोड़ 22 लाख रूपये आवंटित किए गए हैं।
* वित्तीय वर्ष 2020-21 में विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं पर 1 हजार 160 करोड़़ रूपये व्यय कर 9 हजार 504 हैक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवायी गयी।
* पारदर्शी जल प्रबंधन हेतु बांधों एवं नहर प्रणाली के लिए राज्य में सर्वप्रथम बीसलपुर बांध पर स्काडा सिस्टम स्थापित किया जा चुका है। इसी क्रम में गुढ़ा बांध-बूंदी, जवाई बांध-पाली, नर्मदा नहर परियोजना-सांचैर, गंग नहर तथा भाखडा नहर पर पारदर्शी जल प्रबंधन हेतु स्काडा सिस्टम स्थापित करने हेतु कार्यादेश जारी कर दिया गया है।
* राजस्थान के मरू क्षेत्र हेतु जल पुनर्गठन परियोजना के अंतर्गत दिसम्बर, 2020 तक 828 किलोमीटर लम्बाई की वितरिकाओं का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण कर दिया गया है।
* केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 11 नवम्बर 2020 को राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2019 के अंतर्गत राजस्थान को उत्तम राज्य (सामान्य राज्य) की श्रेणी में सम्मानित किया गया है।
* प्रदेश में वृहद पेयजल परियोजनाओं के माध्यम से सतही जलस्रोतों से 14 शहरों, 2 हजार 544 गांवों एवं 2 हजार 497 ढ़ाणियों को पेयजल से लाभान्वित किया गया है।
* पेयजल गुणवत्ता प्रभावित बस्तियों एवं ढाणियों में विगत दो वर्षों में 827 आरओ प्लांट्स एवं 1 हजार 198 सौर ऊर्जा आधारित डी-फ्लोरिडेशन संयंत्र चालू कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है।
* जल जीवन मिशन के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 हेतु 7 हजार 662 करोड़ रूपये की कार्य योजना अनुमोदित हो चुकी है तथा 4 लाख 40 हजार घरेलू पेयजल कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।
* ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं पर वित्तीय वर्ष 2020-21 में लगभग 439 करोड़ रूपये व्यय कर 8 हजार 700 विकास कार्य पूर्ण कराये गये हैं।
* महत्त्वाकांक्षी महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक 7 हजार 196 करोड़ रूपये व्यय कर 69 लाख परिवारों को रोजगार उपलब्ध करवाते हुए 33 करोड़ 90 लाख मानव दिवस सृजित किये जा चुके हैं।
* प्रदेश में सड़क तंत्र को सुदृढ़ करते हुये प्रदेश में 10 हजार 788 करोड़ रूपये व्यय कर 4 हजार 248 किलोमीटर की नवीन सड़कें, 689 किलोमीटर लम्बे राष्ट्रीय राजमार्गों, 3 हजार 159 किलोमीटर लम्बे राज्य राजमार्गों व 16 हजार 967 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के विकास कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। प्रदेश में 2 आरओबी व 4 आरयूबी का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा 25 आरओबी व 41 आरयूबी का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
* प्रदेश में कोई भी भूखा नहीं सोए इस संकल्प के तहत जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक बैठाकर 8 रूपये में भोजन की थाली उपलब्ध कराने के लिये 20 अगस्त, 2020 से 213 नगरीय निकायों में इंदिरा रसोई योजना का शुभारंभ किया गया। अब तक 1 करोड़ 55 लाख भोजन थालियां उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसमें राज्य सरकार द्वारा प्रति थाली 12 रूपये का अनुदान दिया जा रहा है।
* राज्य के शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए जलापूर्ति, सीवरेज, उद्यान, विरासत संरक्षण व पार्किंग के लिये लगभग 2 हजार 261 करोड़ रूपये की लागत की 61 परियोजनाओं का शुभारम्भ एवं लगभग 443 करोड़ रूपये की लागत केे 25 कार्य पूर्ण किये जा चुके है।
* प्रदेष के विद्युत वितरण व प्रसारण तन्त्र को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 410 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित कर 1 लाख 63 हजार कृषि कनेक्शन एवं 11 लाख 99 हजार घरेलू कनेक्शन जारी किये गये हैं।
* सूरतगढ़ सुपरक्रिटिकल तापीय विद्युत परियोजना की इकाई-7 से वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ कर गत दो वर्ष में उत्पादन क्षमता में 1 हजार 497 मेगावाट की वृद्धि की गई है। अब राज्य की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 21 हजार 836 मेगावाट हो गई है।
* राज्य के 15 जिलों में किसानों को कृषि हेतु दिन में थ्री-फेज बिजली उपलब्ध करायी जा रही है। अप्रैल 2023 तक सम्पूर्ण राज्य में कृषि हेतु दिन में बिजली उपलब्ध को सकेगी।
* रीको द्वारा अजमेर, अलवर, कोटा, सीकर, उदयपुर, भीलवाड़ा एवं जोधपुर जिलों में 840 करोड़ रूपये लागत के 7 नये औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये गये हैं साथ ही अजमेर, अलवर, बाडमेर, भीलवाड़ा, चूरू, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक, जोधपुर एवं बीकानेर जिलों में 3 हजार 300 करोड़ रूपये की लागत के 17 नये औद्योगिक क्षेत्र ओर विकसित किये जा रहे हैं।
* रीको द्वारा कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए रीको औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों को रियायतें देने के लिए एमनेस्टी योजना लागू की गई है।
* दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर (डीएमआईसी) योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र एवं खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराना औद्योगिक क्षेत्र को विशेष निवेश क्षेत्र घोषित किया गया है तथा इन विशेष निवेश क्षेत्रों के लिए रीको को क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण घोषित किया गया है।
* राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु प्रारम्भ की गयी ‘‘वन स्टाॅप शाॅप‘‘ प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बोर्ड ऑफ इंवेस्टमेंट का गठन कर ऑनलाइन ’’राज निवेश’’ पोर्टल की व्यवस्था की गई है।
* प्रदेश में रिफाईनरी का कार्य दु्रतगति से करवाया जा रहा है। अब तक 5 हजार 367 करोड़ रूपये से अधिक के कार्य हो चुके हैं तथा लगभग 37 हजार 688 करोड़ के कार्यादेश दिए जा चुके हैं।
* सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अन्तर्गत लगभग 83 लाख 56 हजार पेंशनर्स को प्रतिमाह पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। वर्ष 2020-21 में 7 हजार 31 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है।
* इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना 5 जनजाति बहुल जिलों यथा प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर एवं बारां में शुरू की गई है। इसके तहत द्वितीय संतान के जन्म पर प्रत्येक गर्भवती व धात्री महिला को 6 हजार रूपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
* खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से अन्तर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय पदक विजेताओं को पुलिस उप-अधीक्षकरैंक तक आउट आॅफ टर्न सरकारी नौकरियां दी गई।
* राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान पर्यटन नीति, 2020 लागू की गयी है। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2019 के अंतर्गत पर्यटन क्षेत्र को थ्रस्ट सेक्टर घोषित कर पर्यटन क्षेत्र के उपक्रमों को लाभान्वित करने का प्रावधान किया गया है।
* वित्तीय वर्ष 2020-21 में लगभग 4 करोड़ रूपये व्यय कर मन्दिर समूह-किराड़ू (बाड़मेर), हर्ष देवल शिव मन्दिर-बिलाड़ा (जोधपुर), सूर्य मन्दिर-बूढ़ादीत (कोटा), सेठानी का जोहड़ा (चूरू), मीनारयुक्त कूप-बूटिया (चूरू), जलमहल-कुम्हेर (भरतपुर), किशोरी महल (भरतपुर) में संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण करवाये गये हैं।
* महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोहों की कड़ी में 02 अक्टूबर 2020 को ‘‘शांति, सद्भाव एवं अहिंसा पर‘‘ एक वैश्विक ई-सम्मेलन का आयोजन किया गया।
* सद्भावना दिवस के अवसर पर 20 अगस्त को डिजाइन काॅन्क्लेव-2020 का आयोजन किया गया एवं 4 करोड़ 13 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित अभिलेख म्यूजियम का लोकार्पण किया गया।
* कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव हेतु घोषित लाॅकडाउन की अवधि में 10 अप्रेल 2020 से 31 मई 2020 तक मुख्यमंत्री लोक कलाकार कोष योजना के अंतर्गत लगभग 337 लोक कलाकारों को प्रति कलाकार 2 हजार 500 रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
* पुलिस थानों में पीड़ित की आवश्यक रूप से एफआईआर दर्ज करने की नीति के कारण समाज के कमजोर वर्ग सहित हर पीड़ित द्वारा एफआईआर दर्ज कराने का हौसला बढ़ा है और इससे आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास निरंतर बढ़ रहा है। एफआईआर के आंकड़ों की परवाह किये बिना हर पीड़ित को न्याय मिले इसी मंशा से यह निर्णय लिया गया है।
* महिला अत्याचार व अपराध को रोकने के लिए प्रत्येक जिले में पुलिस उप अधीक्षक स्तर के अधिकारी को लगाकर महिला अपराध अनुसंधान इकाइयों का गठन किया गया है। साथ ही दुष्कर्म प्रकरणों में त्वरित अनुसंधान सुनिश्चित करने के कारण अनुसंधान के समय में अब 60 प्रतिशत की कमी लाई जा चुकी है। राजस्थान पुलिस द्वारा 13 अक्टूबर 2020 से विषेष अभियान ‘आवाज‘ (एक्शन अगेन्स्ट वीमन रिलेटेड क्राइम एण्ड अवेयरनेस फाॅर जस्टिस) प्रारम्भ किया गया।
* पुलिस सहायता तेजी से सुलभ हो सके इसलिए 112 इमरजेंसी रेस्पांस सपोर्ट सिस्टम को सुदृढ़ किया गया है। साथ ही पुलिस सहायता के लिए ट्विटर हैंडल ‘राजस्थान पुलिस हैल्पडेस्क’ शुरू किया गया है।
* पुलिस मित्र योजना के तहत् अब तक 29 हजार 687 पुलिस मित्र बनाये जा चुके हैं।
* प्रत्येक राजस्व ग्राम में ग्राम रक्षक सूचीबद्ध किये जा रहे हैं। अब तक राज्य में 34 हजार ग्राम रक्षक सूचीबद्ध किये जा चुके हैं।
* भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये प्रतिबद्धता से कार्य किया जा रहा है। जीरो टोलरेंस की नीति अपनाकर भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा है।
* राज्य सरकार भारत रत्न डाॅ. भीमराव अम्बेडकर की मूल भावना के अनुरूप संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करते हुये समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत बनाये रखने के लिये संकल्पबद्ध है।
* महात्मा गांधी के आदर्शों के अनुरूप शान्ति, सांप्रदायिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की भावना हमारे प्रदेश की विशिष्ट पहचान रही है। समृद्ध और विकसित प्रदेश के निर्माण के लिए हमें हमारी इस विरासत को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
* हम सभी को यह ध्यान रखना है कि कोरोना अभी पूरी तरह से गया नहीं है। हाल ही में इंग्लैंड सहित कुछ अन्य देशों में इस वायरस का एक नया स्ट्रेन सामने आया है। यह स्ट्रेन पहले की तुलना में ज्यादा तेजी से फैलता है। कोई भी लापरवाही अब तक की मेहनत को बेकार कर सकती है, अतः हमें आगे भी सभी सावधानियों की पूर्ण पालना करनी है।
* आइए ! गणतन्त्र दिवस के पुनीत पर्व पर हम सब राजस्थान के ऐतिहासिक गौरव एवं आत्मसम्मान को सर्वोपरि मानकर खुशहाल, समृद्ध और निरोगी राजस्थान के निर्माण के लिए मिलजुल कर कार्य करने का संकल्प लें।
जय हिन्द !

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